
धंनजय जाट आष्टा- मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आमला राम गांव में आगामी १५ अगस्त से २१ अगस्त, २०२६ तक एक भव्य और दिव्य श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक महोत्सव में भागवताचार्य पंडित बसंत शास्त्रीजी महाराज (नावदा वाले गुरुजी) अपने मुखारविंद से कथा का रसपान कराएंगे। मुख्य वक्ता और कथा का महत्व:- प्रख्यात कथावाचक पंडित बसंत शास्त्रीजी महाराज, जिन्हें ‘नावदा वाले गुरुजी’ के नाम से भी जाना जाता है, अपने सारगर्भित प्रवचनों और कथा शैली के लिए प्रसिद्ध हैं।

उनके सानिध्य में होने वाली यह सात दिवसीय कथा भक्तों के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा समान होगी, जो उन्हें सनातन धर्म के गूढ़ रहस्यों से परिचित कराएगी और जीवन को नई दिशा देगी। भव्य शोभायात्रा और जमा जागरण:- कथा के शुभारंभ से पूर्व, १५ अगस्त, २०२६ को सुबह ८ बजे एक विशाल और भव्य ‘कलश यात्रा’ निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेष रूप से महिलाएं, पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगी। इसके साथ ही, २१ अगस्त, २०२६ की शाम को बाबा रामदेवजी का एक भक्तिपूर्ण ‘जमा जागरण’ कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें रात भर भजनों की गूंज रहेगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा और तिथियां:- इस सात दिवसीय आयोजन का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:
कलश यात्रा: १५ अगस्त, २०२६, सुबह ८ बजे
कथा प्रारंभ: १५ अगस्त से २१ अगस्त, २०२६ तक (प्रतिदिन दोपहर १२ से ४ बजे तक)
कथा समापन एवं जमा जागरण: २१ अगस्त, २०२६ (शाम को)
भंडारा: २२ अगस्त, २०२६, दिन शनिवार

विशेष आकर्षण:- इस आयोजन में ‘रंग महोत्सव’ और ‘जमा जागरण’ का विशेष संगम देखने को मिलेगा। महोत्सव का समापन २२ अगस्त को एक विशाल भंडारे के साथ होगा।
आयोजक और आमंत्रण:- यह पूरा आयोजन ‘समस्त ग्रामवासी, आमला राम’ के सहयोग से संपन्न हो रहा है। आयोजकों ने सीहोर जिले और आसपास के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे भारी संख्या में पधारकर इस पुण्य कार्य का लाभ उठाएं और कथावाचक के दिव्य वचनों को सुनकर अपने जीवन को धन्य बनाएं। स्थान:- यह कार्यक्रम आमला राम, तहसील जावर, जिला सीहोर (म.प्र.) में आयोजित किया जाएगा।

आष्टा। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आष्टा स्थित शांति सरोवर सेवा केंद्र पर संस्था की पूर्व प्रशासिका दादी प्रकाशमणि जी की 19वी पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य पर “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्तिथ विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया । सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान शांति सरोवर परिवार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने अपने संबोधन में कहा की आज देश मे खास करके युवा पीढ़ी में जिस तरह नशे की लत बढ़ती जा रही है,उनेह नशे से बचाने, नशे के

दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिये इस तरह के जन जागरूकता वाले अभियानों की आवश्यकता है । जो व्यक्ति नशा करता है,उसकी संवेदनाएं खत्म सी हो जाती है और नशे में वो कई अनर्थ कर डालता है । जब नशा उतरता है तब पश्चाताप करता है । आज मोदी जी के नेतृत्व में नये भारत का निर्माण हो रहा है,हम सब का यही प्रयास है कि नया भारत,नये भारत की नई पीढ़ी ओर सभी नशे से मुक्त हो । विधायक ने कहा कि नाश ही व्यक्ति के नाश का कारण बनता है । इसलिये आज नशे से दूरी बनाने की बड़ी आवश्यकता है ।

जब हम 2047 में भारत की आजादी की 100 वी सालगिरह मनाये तब हमारा नया भारत,नशे से मुक्त हो,आत्मनिर्भर हो,अखंड हो,विकसित भारत हो यही हमारे प्रधानमंत्री जी का सपना है और हम सब उनके सपने को पूरा करेंगे
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शांति सरोवर की संचालिका बीके कुसुम दीदी ने कहा कि आज केवल शराब, तंबाकू और अन्य नशे ही नहीं, बल्कि मोबाइल की लत (मोबाइल एडिक्शन) भी समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि राजयोग ध्यान के माध्यम से मन को

शक्तिशाली बनाकर प्रत्येक प्रकार के नशे और बुरी आदतों से सहज मुक्ति प्राप्त की जा सकती है।
इसके पश्चात बीके वंदना बहन एवं बीके शिल्पा बहन ने नशा मुक्ति विषय पर प्रेरणादायी विचार रखते हुए युवाओं एवं समाज से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, संस्कारित एवं खुशहाल जीवन अपनाने का आह्वान किया।
बीके नीलिमा दीदी ने नशे के इतिहास, उसके दुष्परिणामों एवं समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का विस्तार से वर्णन किया तथा उपस्थित सभी भाई-बहनों एवं अतिथियों को नशामुक्त जीवन जीने की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई।

कार्यक्रम में सांदीपनी विद्यालय के प्राचार्य सितवत खान सहित अन्य भी उपस्तिथ रहे ।
कार्यक्रम के अंत में बीके शैफाली दीदी ने सभी को राजयोग मेडिटेशन का सुंदर अनुभव कराया, जिससे उपस्थित जनों ने गहन शांति, आत्मिक शक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता रही। सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशा मुक्त रहेंगे तथा अधिक से अधिक लोगों को इस जन-जागरण अभियान से जोड़कर “नशामुक्त भारत – स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत” के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।



