

आष्टा- स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और भविष्य की पीढ़ी को गंभीर बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से आज स्थानीय पुष्पा हायर सेकेंडरी स्कूल में एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्राचार्य फादर मेल्विन सी.जे. के कुशल मार्गदर्शन में कन्यादान फाउंडेशन की टीम ने विद्यालय की छात्राओं को गर्भाशय (यूट्रस) कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति शिक्षित और जागरूक किया।

जागरूकता और रोकथाम पर केंद्रित विशेष सत्र- शिविर में कन्यादान फाउंडेशन की सोशल अवेयरनेस प्रोग्रामर दीपा श्रीवास्तव, रूपाली सक्सेना और निर्मला शर्मा ने मुख्य रूप से 6वीं से 11वीं कक्षा तक की छात्राओं को संबोधित किया। विशेषज्ञ टीम ने छात्राओं को गर्भाशय कैंसर के शुरुआती लक्षणों, इसके कारणों और इससे बचाव के वैज्ञानिक तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सही समय पर स्वच्छता और जागरूकता ही इस गंभीर बीमारी को रोकने का सबसे प्रभावी हथियार है।

मायजो कन्या बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन की उपयोगिता- इस अवसर पर टीम ने ‘मायजो कन्या’ (MyJo Kanya) बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन के महत्व को समझाते हुए बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का ध्यान न रखना महिलाओं और किशोरियों में संक्रमण और बाद में कैंसर जैसी जटिलताओं का कारण बन सकता है। छात्राओं को डेमो के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित सैनिटरी पैड्स के उपयोग के प्रति प्रोत्साहित किया गया।

प्राचार्य और शिक्षकों ने की सराहना- विद्यालय के प्राचार्य फादर मेल्विन सी.जे. ने इस सराहनीय पहल के लिए कन्यादान फाउंडेशन की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में ही छात्राओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। इस तरह के आयोजनों से न केवल छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि वे एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी होती हैं।

विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भी इस स्वास्थ्य शिविर को छात्राओं के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने स्वास्थ्य से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कन्यादान फाउंडेशन द्वारा किया गया यह प्रयास ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य चेतना फैलाने की दिशा में एक सशक्त कदम सिद्ध हो रहा है।
कन्यादान फाउंडेशन: बेटियों की शादी में मदद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अनूठा प्रयास- दीपा श्रीवास्तव

ऋषि सरधना जी द्वारा स्थापित कन्यादान फाउंडेशन पिछले 7 वर्षों से समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। इन 7 वर्षों में संस्था ने 109 गरीब और असहाय बेटियों के विवाह में ₹21,000 से लेकर ₹50,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके परिवारों को संबल दिया है। वर्तमान में, फाउंडेशन की पेड एंजेल दीपा श्रीवास्तव के नेतृत्व में संस्था का लक्ष्य इस सेवा भावना को आगे बढ़ाना है। यह फाउंडेशन देश के 26 राज्यों में अपने विशेष उत्पादों के माध्यम से महिलाओं को बच्चेदानी के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने और प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण निर्माण की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य के साथ, दीपा श्रीवास्तव अपने आस्था क्षेत्र की हर बहन-बेटी को बच्चेदानी के कैंसर के प्रति जागरूक करने और इसके रोकथाम के उपाय बताने के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित हैं।
बालिका सुरक्षा और कानूनी जागरूकता पर कार्यशाला आयोजित, पीसीपीएनडीटी एक्ट की दी गई जानकारी

सीहोर, 16 जुलाई, 2026
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सीहोर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना एवं गर्भधारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के अंतर्गत बालिका सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों एवं सुरक्षा संबंधी कानूनों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यशाला में महिलाओं बालिकाओं को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून लिंग चयन एवं भ्रूण के लिंग परीक्षण पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाता है। अधिनियम का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बालिका जन्म को प्रोत्साहित करना तथा समाज में बेटियों के प्रति समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा देना है। कानून के उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति एवं संस्थान के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

इस अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं को बालिका सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों, महिला अधिकारों तथा सुरक्षा संबंधी कानूनों की भी जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें किसी भी प्रकार के भेदभाव, हिंसा अथवा उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता एवं शिकायत तंत्र के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में परियोजना अधिकारी श्री बी.एल. मालवीय, परामर्शदाता श्री सुरेश पांचाल, सुपरवाइजर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं।


