

सीहोर, 01 जुलाई, 2026 प्रदेश में मानसून अवधि के दौरान आकाशीय बिजली गिरने, तेज आंधी-तूफान एवं खराब मौसम की घटनाओं से संभावित जनहानि एवं संपत्ति नुकसान को रोकने के उद्देश्य से शासन द्वारा विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों एवं संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए व्यापक सतर्कता बरतने तथा आमजन को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जारी आदेश में कहा गया है कि आकाशीय बिजली प्राकृतिक आपदा के रूप में बड़ी संख्या में जनहानि का कारण बनती है, इसलिए समय रहते चेतावनी प्रणाली को प्रभावी बनाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मौसम संबंधी पूर्वानुमान एवं चेतावनी तंत्र को मजबूत करते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया है। एडवाइजरी के अनुसार भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा विकसित “दामिनी” मोबाइल एप का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा,

ताकि नागरिकों को आकाशीय बिजली गिरने की संभावित जानकारी 24 घंटे पहले तक प्राप्त हो सके। आमजन से अपील की गई है कि वे अपने मोबाइल में “दामिनी” एप डाउनलोड करें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर गंभीरता से अमल करें। प्रशासन द्वारा नगरीय निकायों, पंचायतों, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग तथा पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्राम स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यह बताया जाएगा कि खराब मौसम एवं बिजली कड़कने के दौरान किन सावधानियों का पालन करना आवश्यक है। जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों, टावर, जलाशयों एवं धातु की वस्तुओं से दूर रहना चाहिए। किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम की स्थिति में लोगों को सुरक्षित भवनों के भीतर रहने तथा अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि निर्माणाधीन एवं बहुमंजिला भवनों में लाइटनिंग कंडक्टर अथवा अरेस्टर लगाए जाएं तथा भवन निर्माण उपविधियों के अनुसार सुरक्षा प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही होर्डिंग, अस्थायी संरचनाओं एवं कमजोर निर्माणों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि तेज हवा एवं तूफान की स्थिति में दुर्घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। शासन के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य आकाशीय बिजली एवं खराब मौसम से होने वाली जनहानि को न्यूनतम करना, लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा समय रहते प्रभावी बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है।



