

बागेर: स्थानीय सुशीला हायर सेकेंडरी स्कूल में दीपावली के पावन पर्व पर विविध रचनात्मक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी बहुमुखी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत रंगोली, फैंसी ड्रेस तथा झरोखा एवं दीपक सजाओ प्रतियोगिताओं से हुई। “संस्कृति और परंपरा का अनोखा संगम! भारतीय संस्कृति को दर्शाते हुए छात्राओं ने खूबसूरत साड़ियाँ और छात्रों ने पारंपरिक पगड़ियाँ पहनीं, जिसने पूरे माहौल को उत्सव के रंग में सराबोर कर दिया।” वहीं छात्राओं ने, मनमोहक रंगोलियों के जरिए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जल संरक्षण, नशा मुक्ति और आत्मरक्षा जैसे प्रेरणादायक सामाजिक संदेश दिए। विद्यार्थियों द्वारा सजाए गए दीये और थालियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनकी सभी ने खुलकर प्रशंसा की।

आयोजन के मुख्य बिंदु
- प्रतियोगिताएं: रंगोली, फैंसी ड्रेस, और झरोखा एवं दीपक सजाओ।
- प्रमुख संदेश: स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और नशा मुक्ति।
- विशेष उपस्थिति: मार्गदर्शक अशोक परमार, प्राचार्या श्रीमती रानू परमार, प्रबंधक राजेश परमार, नरेंद्र परमार, समस्त शिक्षक स्टाफ और बड़ी संख्या में अभिभावक।

ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन का उद्देश्य
विद्यालय प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण और बौद्धिक विकास करना है। इस तरह की सहगामी गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास मजबूत होता है और उन्हें अपनी कला व प्रतिभा दिखाने का खुला मंच मिलता है। पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों से बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक जागरूकता और भाईचारे की भावना का विकास होता है।

प्राचार्य महोदय की ओर से संदेश
”दीपावली खुशियों और प्रकाश का पर्व है, जिसे हमें आपसी प्रेम, भाईचारे और सुरक्षा के साथ मनाना चाहिए। त्योहार की उमंग में सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। बच्चे आतिशबाजी करते समय विशेष सावधानी बरतें, छोटों की देखरेख करें और केवल फुलझड़ियां या चकरी जैसे छोटे पटाखे ही जलाएं। आप सभी का जीवन इसी दीपोत्सव की तरह सदा जगमगाता रहे।”
— श्रीमती रानू परमार (प्राचार्या)

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस सफल आयोजन में अर्जुन सिंह ठाकुर, दिनेश बैरागी, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, नीरज शर्मा, हरि प्रसाद प्रजापति, दीपा शर्मा, नीलांशी शर्मा, भावना दुबे, मोनिका जैन, ऋषिका ठाकुर, राखी परमार और अरुणा परमार समेत समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का सक्रिय सहयोग रहा।


