सीहोर में बिना वीजा एवं पासपोर्ट के रहने वाले एक बांग्लादेशी व्यक्ति को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूपये का अर्थदण्ड की सजा सुनाई

न्यायालय का नामः- प्रथम अपर सत्र न्यायाधीष महोदय जिला सीहोर म0प्र0।
पैरवीकर्ता:- सुश्री रेखा चौरसिया, अपर लोक अभियोजक, जिला सीहोर।
आरोपी का नाम :- मोहम्म्द इरशाद पिता श्री मोहम्मद सिराज, आयु 44 वर्ष निवासी इंदिरा नगर टप्पर जिला सीहोर
घटना का संक्षिप्त विवरणः-अभियोजन प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार हैं कि, पुलिस थाना कोतवाली के उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श को दिनांक 27.04.2025 को थाना प्रभारी रविन्द्र यादव ने बताया कि उन्हें मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि इंदिरा नगर टप्पर सीहोर में इरशाद नामक बांगलादेशी नागरिक रह रहा हैं और उन्होंने विक्रम आदर्श को कार्यवाही के निर्देश दिए,

सूचना की तस्दीक पर उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श थाने के बल सहित इंद्रा नगर टप्पर सीहोर स्थित मोहम्मद इरशाद के घर पहुँचे, जहाँ घर के सामने मिले मोहम्मद इरशाद से उसका नाम पता पूछने पर उन्हें मुखबिर सूचना की जानकारी दी और पूछताछ पर इरशाद ने बताया कि 15 वर्ष की आयु में बांग्लादेश से अजमेर राजस्थान आकर वहीं 15 साल काम करने के बाद सीहोर आकर लुनिया मोहल्ला सीहोर में 05 वर्ष रहना करीब 06 वर्ष से इंद्रा नगर टप्पर में रह रहा, होना प्रकट कर भारत आने का कोई वीजा, पासपोर्ट नहीं होना बताया और न ही नागरिकता के लिए आवेदन देना बताया। उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श द्वारा इरशाद के द्वारा

प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर उसके बांग्लादेश के जन्म प्रमाणपत्र, माता-पिता के पहचान पत्र की छायाप्रतियां, जो बांग्ल भाषा में थी, जिन्हें बांग्ल भाषा के विषेषज्ञ लालमोहन हलदार को बुलवाकर अनुवाद करवाया गया और ये दस्तावेज बांग्लादेश के होने पाये गए। जिन्हें मो. इरशाद से जप्त कर इरशाद को गिरफ्तार कर उसकी पत्नी को इसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी गयी और थाना वापसी पश्चात अभियुक्त के विरूद्ध अपराध 319/2025 की धारा 14-ए, 14-बी विदेशियों विषयक अधिनियम, 1946 की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गयी।

विवेचना उपरांत उपनिरीक्षक विक्रम आदर्श द्वारा अभियुक्त से पूछताछ कर उसके द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर उसका मोबाईल फोन जप्त किया, अभियुक्त का आधार कार्ड, पेन कार्ड तथा समग्री आई डी., जो सीहोर जिले के ही बने हुए थे, की प्रतियों को जप्त कर संबंधित विभाग से इनकी जानकारी लेकर अभियुक्त के मोबाईल को साइबर फोरेंसिक लैब भोपाल जाँच के लिए भिजवाया गया और अवशेष विवेचना कर अभियुक्त का बांग्लादेश का नागरिक होकर बिना विधिक दस्तावेज के भारत आने और रहने के कारण उसके

विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीहोर के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जो आर.सी.टी. नंबर 528/2025 पर दर्ज होकर अभियोजन साक्ष्य स्तर पर अंतरण पर सुश्री शिवानी श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सीहोर के न्यायालय को प्राप्त हुआ, जिन्होंने दिनांक 06.02.2026 के आदेश द्वारा पंजीबद्ध अपराध 08 वर्ष तक के कारावास से दण्डनीय होकर सत्र विचारणीय होने के आधार पर उसे उपार्पित किया, जो सत्र प्रकरण क्रं0 39/2026 के रूप में दर्ज होकर अंतरण पर इस न्यायालय को प्राप्त हुआ। अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुये आरोपी को दण्डित किया गया।

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्कों से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी मोहम्मद इरशाद पिता मोहम्मद सिराज को धार 14-क विदेशीयों विषयक अधिनियम 1946 में दोषी पाते हुये 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10,000/- रूप्ये के अर्थदण्ड दण्डित किया गया। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक सुश्री रेखा चौरसिया जिला सीहोर द्वारा प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला सीहोर द्वारा की गई।

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