

आष्टा। नगर के लिए यह गर्व और प्रेरणा का विषय है कि आष्टा निवासी यश चंद्रवंशी एवं उनकी मां कविता चंद्रवंशी ने अपने साहस, जुनून और आत्मविश्वास की अनोखी मिसाल पेश करते हुए मोटरसाइकिल से आष्टा से लेह-लद्दाख तक करीब पांच हजार किलोमीटर की रोमांचक यात्रा पूरी की। उनकी इस साहसिक उपलब्धि पर सकल हिंदू समाज आष्टा द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।मां-बेटे ने अपनी यात्रा की शुरुआत 30 अगस्त को आष्टा से की और 10 सितंबर को वापस आष्टा लौटे।

इस दौरान उन्होंने लंबी दूरी की चुनौतीपूर्ण मोटरसाइकिल यात्रा पूरी करने के साथ ही लद्दाख के अनेक दुर्गम एवं प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।हिमालयन आधार शिविर में लिया हिस्सायात्रा के दौरान यश एवं कविता चंद्रवंशी ने लेह में आयोजित रॉयल एनफील्ड हिमालयन आधार शिविर में भी भाग लिया। तीन दिवसीय यह रोमांचक आयोजन 4 सितंबर से शुरू हुआ और करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर आयोजित किया गया।

इस आयोजन में मोटरसाइकिल यात्रा के साथ प्रतिभागियों के लिए कई साहसिक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें नौकायन, नदी में नौका दौड़, पर्वतीय साइकिलिंग, चट्टान आरोहण, पैदल पर्वत यात्रा एवं दुर्गम मार्गों पर वाहन यात्रा जैसी गतिविधियां शामिल रहीं। मां-बेटे की जोड़ी ने इन सभी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।उमलिंग ला से पैंगोंग झील तक पहुंची मोटरसाइकिललेह पहुंचने के बाद यश एवं कविता ने लद्दाख के प्रसिद्ध स्थलों का भी भ्रमण किया। उन्होंने उमलिंग ला, खारदुंग ला, नुब्रा घाटी और पैंगोंग झील सहित कई स्थानों की यात्रा की।

बर्फ से ढके पहाड़, कठिन एवं ऊबड़-खाबड़ रास्ते, अत्यधिक ऊंचाई तथा बदलते मौसम जैसी चुनौतियों के बावजूद मां-बेटे ने पूरे आत्मविश्वास और उत्साह के साथ अपनी यात्रा जारी रखी और सफलतापूर्वक आष्टा लौटे।सकल हिंदू समाज ने किया स्वागत-अभिनंदनमां-बेटे की इस साहसिक उपलब्धि पर सकल हिंदू समाज आष्टा की ओर से उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता, मोंटू कोरी, प्रेम नारायण जायसवाल एवं

रमेश मालवीय ने दोनों का साफा पहनाकर स्वागत किया तथा उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आष्टा जैसे नगर से एक मां और बेटा मोटरसाइकिल पर हजारों किलोमीटर की यात्रा कर लेह-लद्दाख पहुंचे और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अपना सफर पूरा किया, यह पूरे आष्टा नगर के लिए गौरव और प्रेरणा की बात है। उन्होंने कहा कि यश एवं कविता चंद्रवंशी ने दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और आत्मविश्वास के साथ एक कठिन लक्ष्य को पूरा कर युवाओं और समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।


