विकासखण्ड स्तरीय गीता महोत्सव का सांदीपनि विद्यालय में हुआ आयोजन, गीता कर्म का मार्ग बताती है और शरीर मात्र एक उपकरण- संत श्रीपाद प्रहलाद

updatenews247.com धनंजय जाट आष्टा 7746898041- नगर के सांदीपनि (सी.एम. राइज़) शासकीय उमावि आष्टा में 01 दिसंबर को विकासखण्ड स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। सी.एम. राइज़ विद्यालय के प्राचार्य सितवत खान ने बताया कि विरासत भी, विकास भी की परिकल्पना को लेकर मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति संचालनालय द्वारा अभ्युदय मध्यप्रदेश अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न संस्थानों विशेषकर विद्यालयो के किशोर विद्यार्थियों को इसमें सम्मिलित कर विभिन्न आयोजन पूरे प्रदेश में किये जा रहे हैं,

इनका उद्देश्य मध्यप्रदेश के नागरिकां की प्रतिभा, नेतृत्व तथा सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करना है। इसी तारतम्य में आज विकासखण्ड स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन हुआ। इस महोत्सव के अंतर्गत गीता जयंती के अवसर पर नगर के सांदीपनि विद्यालय के विशाल सभागृह में नगर के विभिन्न शासकीय तथा अशासकीय विद्यालयां के सैकड़ो विद्यार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में गीता के अध्याय 15 के श्लोको का हिन्दी अनुवाद सहित पाठ करके उनके लिये ज्ञान, कर्तव्य और आत्मबल का मार्ग प्रशस्त किया गया।

इस अवसर पर इस्कॉन सेन्टर उज्जैन से पधारे संत श्रीपाद प्रहलाद प्रभु जी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नितिन कुमार टाले, जिला पंचायत उपाध्यक्ष जीवन सिंह मंडलोई, अध्यक्ष जनपद पंचायत आष्टा प्रतिनिधि सोनू गुणवान, उपाध्यक्ष गजराज सिंह मेवाड़ा के मुख्य आतिथ्य में तथा आयोजक सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य सितवत खान, बीआरसीसी अजबसिंह राजपूत, गीता महोत्सव प्रभारी संजीव दीक्षित, सुदीप जायसवाल, पंडित रघुनंदन शर्मा, संदीप सोनी, गोविन्द शर्मा आदि की उपस्थिति में कवि अतुल जैन सुराणा के संचालन में मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ आयोजन का शुभारंभ हुआ।

इसके पश्चात् सस्वर स्वस्ति वाचन के साथ गीता पूजन सम्पन्न किया गया तथा नगर के इस्कॉन सेंटर से पधारे गीता भक्तो द्वारा शंखनाद के माध्यम से आयोजन का मार्ग प्रशस्त किया गया तत्पश्चात् सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा संगीतमय सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई जिसनें वातावरण का रसमय बनाया। पधारें हुये अतिथिगणों का आयोजक मंडल द्वारा पुष्पमाला और तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया तथा एक बार फिर स्वागत गीत की स्वर लहरियो के माध्यम से सांदीपनि विद्यालय के विद्यार्थियों नें नई ऊर्जा का संचार किया।

अपने क्रम को सार्थक करते हुये इस्कॉन सेन्टर के नन्हें बालक वंश पाठक नें गीता के 15 वे अध्याय के श्लोको का पाठ किया और उनका सार सभी को हिन्दी में भी समझाया। इसके पश्चात् विशेष वक्ता के रूप में इस्कान उज्जैन से पधारे श्रीपाद प्रहलाद प्रभु में सभी को संबोधित करते हुये कहा कि गीता कर्म का मार्ग बताती है और जिस शरीर को हम सबकुछ समझते हैं वास्तव में वह केवल एक उपकरण है जिसका सदुपयोग करके ही हम परम पद को प्राप्त कर सकते हैं एवं इसका सही उपयोग सिखाने का कार्य गीता करती है। अपने उद्बोधन में जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान नें कहा कि सांसारिक ज्ञान के साथ आध्यात्मिक ज्ञान होना भी आवश्यक है तभी जीवन की सार्थकता है और

यही सार्थकता गीता देती है। सभा को संबोधित करते हुये अनुविभागीय अधिकारी नितिन कुमार टाले नें मोबाईल का उदाहरण देते हुये कहा कि जिस प्रकार सिम न हो तो मोबाईल का उपकरण किसी काम का नहीं है और इस सिम में नेटवर्क न हो तो भी यह बेकार है। इसी प्रकार यदि इस शरीर को एक उपकरण मान लिया जाये तो यदि इसमें सिम रूपी ज्ञान नहीं है और अध्यात्म रूपी नेटवर्क नहीं हैं तो यह शरीर जीवित होते हुये भी निर्जीव के समान है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष जीवन सिंह मंडलोई ने बताया कि हमें गीता का सार अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

सांदीपनि, मार्टिनेंट, शास्त्री स्मृति, टेलेण्ट, संस्कृति विद्यालय के उपस्थित सभी विद्यार्थियो नें पूरे आयोजन में समस्त ज्ञान की बातो को पूरे मनोयोग और शांतिपूर्वक सुनकर उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। अंत में संचालक कवि अतुल जैन सुराणा द्वारा गीता महोत्सव प्रभारी संजीव दीक्षित से आभार प्रदर्शन करवाया गया और इसी के साथ आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में अंत्येश धारवां, सतीश वर्मा, निर्मलदास बैरागी, धीरज शर्मा, पदमा परमार, भूपेन्द्र सिंह, एस.के. सिंगारिया, राजेश राठौर की विशेष भूमिका रही।

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