
भारतीय थल सैना से सेवानिवृत होने पर संतोष वर्मा का भव्य स्वागत कर सम्मान किया गया।
संतोष कुमार वर्मा 24 वर्ष थल सेना में कार्य कर सेवानिवृत होकर अपने गृह ग्राम हन्नुखेड़ी पहुंचे उससे पूर्व आष्टा नगर के बाय पास चौपाटी पर सेना से सेवानिवृत जवानों के हितार्थ गठित रण कौशल संगठन आष्टा के अध्यक्ष जितेंद्र चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष आनन्द चौधरी, सचिव चंदर सिंह वर्मा ने अपने साथियों के साथ सेवानिवृत फौजी, संतोष वर्मा का स्वागत अभिनंदन किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में कैलाश परमार पूर्व नपाध्यक्ष आष्टा थे। पूर्व नपा अध्यक्ष श्री परमार ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि सैना के शौर्य और साहस को हम नमन करते है। एक सैनिक अपनी मातृभूमि के लिए अपना सर्वश्व न्योछावर कर देता है पुरा देश जब सुकून की नींद से सोता है तब माँ भारती का बेटा अपने कंधो पर देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेकर अपना सुख चैन और नींद सब कुछ मातृभूमि की सेवा में समर्पित कर देता है। इस मौक़े पर थल सैना से सेवानिवृत सैनिक संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि मैं भारतीय सेना में 24 साल देश के लिए सेवा कर सेवानिवृत्त होकर वापस अपने गांव लौट रहा हॅूं. मुझे काफी गर्व है कि मैंने अपने देश की सेवा की है। उन्होंने कहा कि सभी युवा वर्ग से यही कहना चाहूंगा कि आप सब भी भारतीय सेना में भर्ती होइए और देश की सेवा करिए। वर्मा ने आगे कहा कि देश सेवा के उपरांत जो सम्मान मिला इससे काफी सुख और संतोष मुझे मिला है, आप सभी का इतना प्यार और सम्मान मिलेगा इसकी मैने कल्पना भी नहीं की थी, एक सैनिक के लिए इससे बड़ी कोई बात नहीं हो सकती, लोगों का जो प्यार मुझे मिला हैं इसका कर्ज कभी चुका नहीं सकता हूॅं। इस अवसर पर युवा समाजसेवी अर्जुन सिंह अजय, कमल सिंह मालवीय काजीखेड़ी, पारस जैन आदि उपस्थित रहे। स्थानीय रण कोशल संगठन के अध्यक्ष ने श्री संतोष वर्मा और मुख्य अतिथि परमार का आभार माना।