मुख्य सचिव ने किया भाऊखेड़ी आजीविका पार्क का निरीक्षण मुख्य सचिव ने की महिलाओं की दक्षता और प्रस्तुतिकरण की सराहना ऑर्गेनिक उत्पादों के सर्टिफिकेशन और ब्रॉडिंग पर दिया विशेष जोर

सीहोर, 18 जून, 2026 मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने सीहोर जिले के इछावर स्थित भाऊखेड़ी आजीविका मनरेगा पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में संचालित विभिन्न आजीविका आधारित इकाइयों का विस्तृत अवलोकन किया तथा वहां विकसित किए गए मॉडल की सराहना की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. और स्व सहायता समूह की दीदियों ने मुख्य सचिव को पार्क की अवधारणा, संचालन व्यवस्था, विभागीय अभिसरण, प्रशिक्षण गतिविधियों तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान भोपाल संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा भी उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने पार्क में संचालित खाद्य- प्रसंस्करण इकाई, सौर ऊर्जा आधारित ड्रायर, पशु आहार उत्पादन इकाई, कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी, जैविक कीटनाशक उत्पादन केंद्र, गौशाला, मत्स्य पालन एवं हैचरी इकाई सहित अनेक इकाइयों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने पार्क में तैयार किए जा रहे ऑर्गेनिक उत्पादों का अवलोकन करते हुए उनके सर्टिफिकेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादों का प्रमाणन होने से उनकी गुणवत्ता को औपचारिक मान्यता मिलेगी, जिससे बाजार में उनकी मांग बढ़ेगी और उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क में स्थापित मशीनरी और उपलब्ध अधोसंरचना की तुलना में उत्पादन की वर्तमान क्षमता अपेक्षाकृत कम है तथा उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए।

विभिन्न इकाइयों के निरीक्षण के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने उन्हें संचालन प्रक्रिया, उत्पादन गतिविधियों और अपने अनुभवों की विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं की आत्मविश्वास पूर्ण प्रस्तुति और तकनीकी समझ से प्रभावित होकर मुख्य सचिव ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायक स्थिति है कि महिलाएं न केवल इन इकाइयों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं, बल्कि उनके प्रत्येक पहलू की गहन जानकारी और व्यावहारिक अनुभव भी रखती हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग किए जाने वाले उत्पाद जैसे पशु आहार, जैविक कीटनाशक सहित अन्य उत्पादों की शुद्धता और

प्रमाणिकता का ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक प्रचार प्रसार और विस्तार करना होगा, ताकि उत्पादों का विक्रय अधिक से अधिक हो और व्यापार को विस्तार मिल सके। जिससे महिलाओं की आमदानी में बढ़ोत्तरी होगी। इसी तरह जैविक उत्पादों की ब्रॉडिंग करनी होगी ताकि मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाई जा सके और समकक्ष उत्पादों के बीच प्रतिस्पर्धा में खुद के उत्पाद को स्थापित किया जा सके। उन्होंने कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों को इस पर कार्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर उन्होंने पौधारोपण भी किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने बताया कि आजीविका पार्क केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्पादन से लेकर संग्रहण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने तक की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का प्रदर्शन करता है।

इससे छोटे एवं सीमांत किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को बिना जोखिम के नई तकनीकों एवं उद्यमों को समझने और अपनाने का अवसर मिलता है। यह मॉडल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साथ-साथ आजीविका के नए अवसर सृजित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस पार्क के विकास में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, एटीएमए, नाबार्ड, आरजीएसए, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, अक्षय ऊर्जा विभाग, पीएमएफएमई तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अनेक संस्थाओं का अभिसरण सुनिश्चित किया गया है।

विभिन्न विभागों और योजनाओं के संसाधनों को एक मंच पर लाकर विकसित किया गया यह मॉडल प्रदेश में विभागीय समन्वय और संसाधन पूलिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। भाऊखेड़ी आजीविका पार्क सीहोर जिले में ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और आजीविका विविधीकरण का एक अनूठा मॉडल बनकर उभरा है। पार्क की परिकल्पना ग्रामीण परिवारों, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के लिए एक ऐसे जीवंत प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र के रूप में की गई है, जहां वे विभिन्न आजीविका मॉडलों को व्यवहारिक रूप से देखकर, समझकर और अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।

“लर्निंग बाय डूइंग” की अवधारणा पर आधारित यह पार्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भाऊखेड़ी आजीविका पार्क की उपलब्धियां भी उल्लेखनीय हैं। यहां आजीविका गतिविधियों से 150 से अधिक महिलाएं सीधे जुड़ी हुई हैं। पार्क में 16 से अधिक प्रमुख उद्यम सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर एसपी श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, एसडीएम श्रीमती स्वाति मिश्रा, जनपद सीईओ श्रीमती रूषाली पोरष, एनआरएलएम के डीपीएम श्री दिनेश बर्फा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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