

आष्टा। भीषण गर्मी के इस दौर में जहाँ इंसान प्यास से बेहाल है, वहीं बेजुबान पक्षियों के लिए पानी का संकट और भी गहरा हो गया है। इसी मानवीय संवेदना को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी की नगर सरकार ने एक सराहनीय पहल की है। भाजपा की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने परिषद के साथियों के साथ मिलकर मूक पशु-पक्षियों की सेवा का संकल्प लिया।निशुल्क सकोरा वितरण अभियान – कन्नौद रोड स्थित फिल्टर प्लांट पर आयोजित

एक विशेष कार्यक्रम के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने नागरिकों को मिट्टी के सकोरे निःशुल्क वितरित किए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकने वाले पक्षियों को राहत पहुँचाना है। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि श्री मेवाड़ा ने कहा कि भाजपा की नगर सरकार केवल नगरवासियों की सुविधाओं की ही चिंता नहीं करती, बल्कि पर्यावरण और मूक जीव-जंतुओं के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझती है। यह सकोरे वितरण उसी सेवा भाव का एक हिस्सा है।नागरिकों से की अपील – सकोरे वितरित करते समय श्री मेवाड़ा ने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि

वे इन सकोरों को अपने घर की छतों, बाल्कनी या पेड़ों पर टांगें और नियमित रूप से इनमें स्वच्छ पानी भरें। उन्होंने कहा कि एक छोटा सा प्रयास कई बेजुबान पक्षियों का जीवन बचा सकता है।नवीन वॉटर कूलर की हुई स्थापना – नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा के निर्देश पर पूर्व में नगर के सार्वजनिक स्थानों पर नगरपालिका द्वारा पशुओं के लिए पानी की ठेल स्थापित करवाई गई थी, अब नागरिकों के लिए शुद्ध शीतल पेयजल आसानी से उपलब्ध हो सकें इसके लिए नए फिल्टर प्लांट गेट के समीप अत्याधुनिक नवीन वॉटर कूलर स्थापित करवाया गया, जिसका भी नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा एवं परिषद सदस्यों ने शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में परिषद के साथियों ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई और नगर सरकार की इस ‘‘सेवा ही संगठन’’ वाली कार्यशैली की प्रशंसा की। नागरिकों ने भी नपा प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए जीव सेवा के इस अभियान में जुड़ने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के साथ नपाउपाध्यक्ष प्रतिनिधि भूरू खां, पार्षदगण डॉ. सलीम खान, कमलेश जैन, अरशद अली, तारा कटारिया, तेजसिंह राठौर, रवि शर्मा, तेजपाल कल्लू मुकाती, शबाना अंसारी, रमेश यादव, कैलाश बागवान, मनोहर विश्वकर्मा, सजन मेवाड़ा आदि मौजूद थे।

