इंदौर से विदिशा जाते समय संत शिरोमणि अछलानंद जी सेन महाराज का आष्टा में भव्य स्वागत


आष्टा। इंदौर से विदिशा की ओर प्रवास के दौरान संत शिरोमणि पूज्य अछलानंद जी सेन महाराज का आष्टा आगमन हुआ। इस अवसर पर समाजजनों एवं श्रद्धालुओं द्वारा महाराज श्री का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। समाज के वरिष्ठजनों एवं युवाओं ने महाराज श्री को साल एवं श्रीफल भेंट कर उनका अभिनंदन किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रवास के दौरान पूज्य महाराज रॉयल कॉलोनी आष्टा स्थित शिव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में महाराज श्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार, सदाचार एवं समाज सेवा का संदेश देते हुए सभी के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

महाराज श्री के आशीर्वचनों से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक बंधु उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से गोविंद चौहान, अम्बाराम वर्मा, रवि वर्मा, नितिन वर्मा, पवन वर्मा “बुल्लू”, रोहित सेन, दिनेश सेन, सतीश मालवीय, संतोष मालवीय, ओम झाला, नर्बदा मालवीय, शुभम सेन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधुओं ने महाराज श्री का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम का वातावरण पूर्णतः धार्मिक एवं भक्तिमय रहा। समाजजनों ने महाराज श्री के आगमन को सौभाग्य बताते हुए उनके उज्ज्वल स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की मंगलकामना की।

आष्टा। मां पार्वती नदी तट स्थित प्राचीन अन्नपूर्णा मंदिर के प्रमुख एवं समाधिलीन संत त्यागी महाराज के परम शिष्य, श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर दीपक दास महाराज शुक्रवार को बद्री विशाल धाम में आयोजित 15 दिवसीय धार्मिक साधना, तप एवं अनुष्ठान हेतु आष्टा से रवाना हुए। इस अवसर पर नगर के धर्मप्रेमी नागरिकों एवं सकल हिंदू समाज द्वारा उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।सकल हिंदू समाज के संरक्षक एवं आशीर्वाददाता प्रेम नारायण शर्मा तथा हरि नारायण शर्मा ने महामंडलेश्वर श्री दीपक दास महाराज को पुष्पमाला,

शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा उनकी सफल एवं मंगलमय धार्मिक यात्रा की शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर सकल हिंदू समाज अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, पूर्व पार्षद एवं संयोजक मुकेश नामदेव, सचिव मनीष डोंगरे, मांगीलाल सिसोदिया सहित अनेक धर्मप्रेमीजन उपस्थित रहे। सभी ने महामंडलेश्वर जी का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा बद्री विशाल में होने वाली साधु-साधना एवं धार्मिक अनुष्ठान की सफलता के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।विदाई अवसर पर महामंडलेश्वर श्री दीपक दास महाराज ने कहा कि साधना, तप और सेवा भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा हैं।

बद्री विशाल की पावन भूमि में किया गया तप एवं अनुष्ठान केवल साधु-संतों के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज, राष्ट्र एवं मानव कल्याण के लिए समर्पित होता है। उन्होंने नगरवासियों से धर्म, संस्कार, गौसेवा एवं सामाजिक एकता के कार्यों में निरंतर सहभागिता बनाए रखने का आह्वान किया।महामंडलेश्वर जी ने सकल हिंदू समाज द्वारा किए जा रहे धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज की एकजुटता ही सनातन संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है। अंत में उन्होंने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान कर सुख, समृद्धि एवं धर्ममय जीवन की शुभकामनाएं दीं।

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