

आष्टा- उक्त आशय के उद्धार परम् पूज्य समाधि सम्राट मुनि भूतबलि सागर के शिष्य मुनि श्री मुनि सागर महाराज ने जैन कॉलोनी इन्दौर में प्रवचन के दौरान कहे उंन्होने कहा कि प्रदर्शन में नही दर्शन में जिना सीखे इस चातुर्मास में हमे अपने गुणस्थान को बढ़ाना है आत्मा को बहिरात्मा से अंतरात्मा बनाना है गर्मी में धरती फटती है और बारिश आते ही पूरी धरती एक मे एक हो जाती है हमे भी एक मे एक होना है सब को साथ लेकर धर्म आराधना कर के चातुर्मास में साधना करेंगे यही गुरु आशीष है

किले का आभा मंडल कुछ अलग ही है यहां साधना करने में मन लगता है कर्तव्य को भूलना नही करता पन को भूलना होगा जिस तरह आप चन्द्रगिरि डोंगरगढ़ जाते है आचार्य श्री चरण के दर्शन करने के लिए उसी अनुरूप आष्टा का किला भी एक तीर्थ बनने जा रहा है जहा पर गुरु आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज व मुनि भूतबलि सागर जी महाराज के चरण चिन्ह भव्य नवीन गुरु मन्दिर में विराजमान होंगे आज आप लोग चातुर्मास की भावना को लेकर आये हो हमने मन बनाया हे कि इस वर्ष का चौमासा हमारे गुरु

महाराज की साधना स्थली गुरु चरणों मे होगा समाज के अध्यक्ष आनंद जैन पोरवाल महामन्त्री कैलाश जैन मुनि सेवा समिति के अध्यक्ष सन्दीप जैन व धीरज जैन नीलबड़ ने बताया कि पूज्य मुनि श्री भूतबलि सागर महाराज का वात्सल्य से नगर का जन जन प्रभावित है आज दिगम्बर जैन समाज आष्टा द्वारा सेकड़ो की संख्या में गुरु भक्तों ने इन्दोर पहुच कर पूज्य मुनि श्री मुनि सागर जी महाराज संघ से दिव्योदय जैन तीर्थ किला

आष्टा पर चातुर्मास हेतु विनती की मुनि श्री ने विनती स्वीकारते हुए चातुर्मास हेतु आशीर्वाद प्रदान किया है मुनि संघ का चातुर्मास हेतु आष्टा नगर में 26 जुलाई को मंगल प्रवेश होगा आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा 29 जुलाई गुरु पूर्णिमा महोत्सव व चातुर्मास कलश स्थापना होगी मुनि संघ में मुनि श्री मुनि सागर जी महाराज व ऐलक श्री मंथन सागर महाराज द्वारा चातुर्मास के दौरान धार्मिक क्लास व प्रवचन का लाभ समाजजनो को प्राप्त होगा।
