

आष्टा। बच्चों की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुष्पा हायर सेकेंडरी स्कूल, आष्टा में 4 नवंबर 2026 को ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शारीरिक सुरक्षा, आत्मरक्षा, असुरक्षित स्पर्श की पहचान तथा किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार के विरुद्ध निर्भीक होकर आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय प्रथम जिला न्यायाधीश श्री महेश कुमार चौहान उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य फादर मेल्विन सी. जे. द्वारा मुख्य अतिथि का पारंपरिक रूप से शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्हें एक तरुण पौधा भेंट किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यालय ने अतिथि सत्कार के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण एवं हरित पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री विलसन जैन द्वारा किया गया। इसके पश्चात कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, नुक्कड़ नाटक में छात्र-छात्राओं ने तीन अलग-अलग दृश्यों के माध्यम से बाल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

प्रथम दृश्य में सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आत्मरक्षा एवं साहस का संदेश दिया गया। दूसरे दृश्य में अजनबियों के बहकावे में आने से बचने, सतर्क रहने तथा विपरीत परिस्थितियों में समझदारी से स्वयं को सुरक्षित रखने का महत्व दर्शाया गया। वहीं तीसरे दृश्य में यह संदेश दिया गया कि अनुचित व्यवहार करने वाला व्यक्ति केवल अजनबी ही नहीं, बल्कि परिचित भी हो सकता है। इस दृश्य के माध्यम से विद्यार्थियों ने बच्चों को अपने शरीर की गरिमा, व्यक्तिगत सीमाओं और अपनी सुरक्षा के अधिकार के प्रति जागरूक किया।

नुक्कड़ नाटक के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए नारे “सुरक्षित बचपन मेरा अधिकार”, “चुप्पी तोड़ो, आवाज़ उठाओ” तथा “मेरा शरीर, मेरा अभिमान, इस पर है बस मेरा अधिकार” ने कार्यक्रम को विशेष प्रभावशाली बनाया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।

नुक्कड़ नाटक में कक्षा 11वीं के विद्यार्थी आराध्य शर्मा (सूत्रधार) तथा छात्राएँ याशिका जैन, एकता साहू, स्तुति टोंग्या, कृतिका भाटी, सृष्टिका बड़ोदिया, विनल महेश्वरी, कृतिका मंडलोई, दिव्यांशी तिवारी, यशस्वी वर्मा एवं रुचिका महेश्वरी ने शानदार अभिनय एवं प्रभावशाली संवादों के माध्यम से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता एवं जागरूकता को प्रोत्साहित करने के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 11वीं के आयुष साहू, सुभाष सौद, वेदांशी तापड़िया, वैष्णवी राजपूत, जयश्री ठाकुर एवं मिताली पटेल ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इसी क्रम में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें कक्षा 11वीं के मेथिल सैमुअल एवं विनायक कुशवाह तथा कक्षा 8वीं की दीपिका सिंह सोलंकी ने अपनी कलात्मक प्रतिभा के माध्यम से बाल सुरक्षा एवं जागरूकता का संदेश प्रस्तुत किया।

इस संपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने, विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने एवं सभी प्रस्तुतियों को प्रभावशाली बनाने में श्रीमती सीमा बुंदेला एवं श्री विलसन जैन का विशेष योगदान रहा।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों एवं जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को निर्भीक रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय ने यह संदेश दिया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण वातावरण प्रदान करना हम सभी का कर्तव्य है।
“बोलो, बताओ, बचाओ – सुरक्षित बचपन, हर बच्चे का अधिकार!”
