

आष्टा:- भुमंडलीकरण के कारण विभिन्न संस्कृतियो का सनातन में विलिनीकरण हो रहा है और सम्पूर्ण मानव समाज आधुनिकता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है आधुनिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण वर्तमान जीवन हेतु आवश्यक होता जा रहा है किन्तु आधुनिकता के कारण यह कभी नहीं होना चाहिए की हमसे हमारी संस्कृति, संस्कार और सनातन के मूल्य पीछे छूट जाये। आधुनिकता के इस दौर में हमें वैश्विकरण को अंगीकार करते हुए अपने सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवेश को जीना है।

इस वैश्विकरण के युग में कहीं ऐसा ना हो की स्वयं का सनातन परिवेश अदृश्य हो जाए और आधुनिकता के आडंबर हावी होकर व्यक्ति को अनैतिकता की और ले जाए। आष्टा नगर एकदम विशालता की और बढ़ रहे इन्दौर-भोपाल के मध्य स्थित है, परन्तु ग्रामीणता की सौंधी सुगंध यहां व्याप्त है यहां पीढ़ियों से निवासरत परिवारजन सनातन संस्कृति का पूर्ण सम्मान कर उसको अपने जीवन का अंग अभिन्न बनाए हुए है इस आशय के उद्गार प्रजापिता ब्रहमकुमारी ईश्वरीय विश्वविधालय की स्थानीय शाखा की प्रमुख कुसुम दीदी राजपूत ने पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार

को रक्षाबंधन का रक्षासूत्र बांधते हुए व्यक्त किए। उन्होने आष्टा नगर की सांस्कृतिक विरासत को निरूपित करते हुए यहां के धार्मिक वातावरण की प्रशंसा की। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने कहा कि प्रजापिता ब्रहमकुमारी ईश्वरीय विश्वविधालय ने कई भटके हुए लोगो एवं परिवारों कोे सही मार्ग पर चलने के लिए प्रशस्त किया हैं। शांति सरोवर की संचालिका कुसुम दीदी, नीलिमा दीदी एवं अन्य सेवारत् बहनों ने आष्टा नगर एवं आसपास के ग्रामीण परिवारो में अच्छे संस्कारो एवं धार्मिक संस्कृति का पोषण किया हैं।

नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने माला पहनाकर तीर्थयात्रियों को किया रवाना

आष्टा। नगर से जगन्नाथपुरी और रामेश्वरम की पवित्र तीर्थयात्रा के लिए बुधवार को 52 तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना हुआ। इस दौरान कन्नौद रोड मुकाती बावड़ी के समीप आयोजित एक संक्षिप्त व आत्मीय कार्यक्रम में नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने तीर्थयात्रियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत कर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा धार्मिक यात्राएं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति लाती हैं।

जगन्नाथपुरी और रामेश्वरम जैसे पवित्र धामों की यात्रा पर जाना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। आप सभी तीर्थयात्री भगवान जगन्नाथ और प्रभु श्री रामेश्वरम के दर्शन कर नगर की सुख, समृद्धि और जन-कल्याण के लिए प्रार्थना करें। ईश्वर आपकी यात्रा मंगलमय, सुगम और सुखद बनाए। इस अवसर पर हिउस अध्यक्ष नारायण भूरू मुकाती, तेजपाल कल्लू मुकाती, श्याम मुकाती, महेन्द्र शर्मा, अनारसिंह पटेल, राजकुमार मुकाती, तरूण मुकाती, पंकज कुशवाह, कुशलपाल लाला, हर्षित मुकाती आदि मौजूद थे।

