

आष्टा। शहर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के साथ नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की दिशा में आष्टा युवा संगठन ने एक अनूठी और सराहनीय पहल की है। संगठन के सदस्यों ने कालोनी चौराहे पर अनुपयोगी पड़ी प्लास्टिक की खाली टंकियों का उपयोग गमलों के रूप में करते हुए उनमें पौधे एवं वृक्ष लगाए हैं। पौधों की सुरक्षा के लिए इनके चारों ओर आकर्षक लोहे के ट्री-गार्ड भी लगाए गए हैं।

इस पहल की खास बात यह है कि संगठन ने केवल पौधारोपण तक सीमित न रहते हुए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाई है। आवारा पशुओं से पौधों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए ट्री-गार्ड लगाए गए हैं। इससे चौराहे पर हरियाली बढ़ने के साथ-साथ शहर के सौंदर्य में भी निखार आया है।

हरियाली के साथ यातायात जागरूकता का संदेश संगठन द्वारा सड़क किनारे लगाए गए इन पौधों और ट्री-गार्ड पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यातायात नियमों से जुड़े जागरूकता संदेश लिखे जाने की पहल भी की जा रही है। इन संदेशों के माध्यम से वाहन चालकों और राहगीरों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। ट्री-गार्ड पर “हेलमेट पहनें, सुरक्षित रहें”, “सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा है”, “धीमी गति, सुरक्षित यात्रा”, “ट्रैफिक नियमों का पालन करें”, “लाल बत्ती पर रुकें” तथा “पौधा लगाएं ही नहीं, उसे बचाएं भी” जैसे संदेश लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे।

पौधा लगाना पहला कदम, बचाना बड़ी जिम्मेदारी आष्टा युवा संगठन के अध्यक्ष आनंद गोस्वामी ने कहा कि पौधा लगाना केवल पहला कदम है, उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ संगठन द्वारा पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग कर शहर को हरा-भरा बनाने के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी इस पहल का उद्देश्य है। युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्य आगे भी जारी रहेंगे।

अनुपयोगी टंकियां बनीं हरियाली का माध्यम आष्टा युवा संगठन की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि थोड़ी सी रचनात्मक सोच से अनुपयोगी वस्तुओं को भी उपयोगी बनाया जा सकता है। खाली पड़ी टंकियों को गमलों के रूप में उपयोग कर उनमें पौधे लगाना और उनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड लगाना पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी सुंदर उदाहरण है। स्थानीय युवाओं की इस पहल से न केवल शहर के सार्वजनिक स्थानों पर हरियाली बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों में पौधों की देखभाल, स्वच्छता और यातायात नियमों के पालन को लेकर भी जागरूकता बढ़ेगी। संगठन की यह पहल अन्य नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं को भी सार्वजनिक स्थानों पर पौधारोपण कर उनकी जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर रही है।
