

आष्टा । इस वर्ष अल्पवर्षा के कारण आष्टा विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश जलाशय,तालाब,डेम,बैराज में बारिश का पानी कम भराया जाने के कारण क्षेत्र के किसानों के सामने पलेवा ओर सिंचाई के लिये पानी की कमी चिंता का कारण बना हुआ था । किसानों की चिंता को लेकर आष्टा विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर लगातार आष्टा से भोपाल तक प्रयासों में लगे थे कि क्षेत्र के किसानों को नर्मदा का जल पलेवा ओर सिंचाई हेतु उपलब्ध हो,इसके लिये जो डेम,जलाशय,बैराज कम बारिश के कारण, कम भराये है उनको नर्मदा के जल से भरा जाये ताकि किसानों को

पलेवा ओर सिंचाई के लिये पर्याप्त पानी मिल सके । इसको लेकर विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने पिछले दिनों भोपाल पहुचकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भी भेंट कर अपने क्षेत्र के किसानों को नर्मदा का जल सिंचाई एवं पलेवा के लिये दिये जाने की मांग की थी । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के ठोस प्रयास रंग लाये ओर क्षेत्र के किसानों के लिये खुशखबरी है की एक नवंबर से डेम एवं बैराजो को भरे जाने हेतु नर्मदा मैय्या का जल छोड़ा जायेगा । इस संबंध में आज विधायक कार्यालय में विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने आईएसपी के इंजीनियर संतोष कुमार,इंजीनियर राजा,

सिंचाई विभाग के एसडीओ रवि मालवीय के साथ बैठक की । विधायक श्री गोपालसिंह इंजीनियर ने जानकारी दी कि एक नवंबर को नर्मदा का जल छोड़ा जायेगा जिससे झिकडी जावर का डेम एवं इस्माईलखेड़ी,मेहतवाड़ा,भाटीखेड़ा,जावर,परोलिया चौहान,करमनखेड़ी के बैराज एवं इन बैराजो के बीच मे जो भी स्टापडेम आयेंगे वे सभी नर्मदा के जल से भरे जायेंगे । नर्मदा–कालीसिंध फेस-1 परियोजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक खुशहाली पहुँचाने को हमारी डॉ मोहन यादव जी की सरकार सरकार तैयार है ।

नर्मदा मैय्या का जल आष्टा विधानसभा क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिये मिलने पर मेरे अन्नदाता किसान भाईयों को भरपूर लाभ मिलेगा । सरकार के हर खेत को पानी की मंशा में यह परियोजना किसानों के जीवन में नई उम्मीद के साथ,किसानों की खुशहाली,समृद्धि लेकर आएगी।विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने एक ओर जानकारी दी कि नर्मदा लिंक परियोजना से जो 26 ग्राम छुटे है उन ग्रामो को इस परियोजना से जोड़ने के भी ठोस प्रयास लगातार आगे बढ़ रहे है । इसके लिये में लगातार उच्च स्तर पर प्रयास कर रहा हु । इसको लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी से एवं नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के वरिष्ट अधिकारियों से भेंट कर मांग पत्र सौप चुका हूं । विश्वास है इस मामले में भी जल्द ही सफलता भी मिलेगी ऐसी पूरी उम्मीद है ।

