

सांदीपनि विद्यालय में तीन हजार विद्यार्थियों ने ली नशा मुक्ति की शपथ ए.एस.आई. के पद पर चयनित लोकेन्द्र दवारिया का किया गया सम्मान आष्टा। नगर के सांदीपनि शासकीय उमावि आष्टा में तीन हजार से अधिक विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति की शपथ ली। ब्रहम्कुमारी संस्था की सेविकाओं वंदना और नीलिमा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत करवाया। सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य सितवत खान ने बताया कि नशामुक्ति से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर बनता है और मानसिक शांति भी मिलती है।

इसके साथ ही पैसे की बचत होती है और परिवार के साथ रिश्तों में सुधार होता है। समाज में सम्मान मिलता है और काम में मन लगता है। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किशोरावस्था जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण समय होता है। अतः विद्यार्थियों को प्रत्येक नशे से दूर रहना चाहिए। तम्बाकू, गुटखा, पाउच, धुम्रपान आदि स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी एक प्रकार का नशा है। इसलिए विद्यार्थियों को मोबाइल का उपयोग भी सोच समझकर करना चाहिए।

नशामुक्ति शपथ में न केवल विद्यालय के 200 से अधिक शिक्षक, शिक्षिकाएं शामिल हुए बल्कि विद्यालय के बस ड्रायवर और कंडेक्टर भी शामिल हुए। सांदीपनि विद्यालय के पूर्व छात्र लोकेन्द्र दवारिया का चयन सहायक पुलिस निरीक्षक पद पर होने पर प्राचार्य द्वारा उनका भी सम्मान किया गया। लोकेन्द्र ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि भले ही आप ग्रामीण परिवेश से हो या फिर हिन्दी माध्यम से हो यदि आप लक्ष्य निर्धारित कर उस दिशा में ईमानदारी से प्रयास करते है, तो निश्चित तौर आपकों सफलता मिलेगी। उन्होंने विद्यार्थियो से यह भी कहा कि सांदीपनि विद्यालय आष्टा प्रदेश का विशेष विद्यालय है।

जिसमें हिन्दी और अंग्रेजी दोनो माध्यमों में विद्यार्थियों को बहुत ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसी का परिणाम है, कि राज्य प्रावीण्य सूची में भी विद्यार्थी स्थान प्राप्त कर रहे है। इसके साथ ही खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियां, साहित्यिक गतिविधियां, कैरियर मार्गदर्शन, विज्ञान प्रदर्शनी आदि का भी आयोजन होता है। इन सबसे विद्यार्थियों को लाभ मिलता है और उनका सर्वागीण विकास होता है। इस अवसर पर विद्यालय के असमा खानम, अंत्येश धारवां, सम्राट ढोके, भूपेन्द्र सिंह, जितेन्द्र मेवाड़े, पदमा परमार, नवीन मौर्य, निर्मलदास बैरागी सहित समस्त शिक्षक और अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।



