

आष्टा (कन्नौद रोड): परंपरा और संस्कृति के अनूठे संगम के बीच, इस वर्ष भी होली एंजेल्स हायर सेकंडरी स्कूल, कन्नौद रोड, आष्टा में दीपावली का महापर्व बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दीपावली पर्व की छुट्टियों से ठीक पूर्व विद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी छिपी हुई प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

विविध प्रतियोगिताओं में उमड़ी बच्चों की भीड़
दीपावली के इस पावन पर्व को यादगार बनाने के लिए विद्यालय में कई आकर्षक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थीं:
- रंगोली प्रतियोगिता
- थाली सजाओ प्रतियोगिता
- तोरण सजाओ प्रतियोगिता
- मेहंदी प्रतियोगिता

इन सभी प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रंग-बिरंगे रंगों, फूलों और कलात्मक डिज़ायनों के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता का बेहतरीन परिचय दिया। प्रतियोगिताओं के समापन के बाद सभी छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को गले मिलकर दीपावली की आत्मीय शुभकामनाएं दीं।
शिक्षकों और प्रबंधन के बीच बंटी खुशियां

विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय परिवार ने भी आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की। विद्यालय प्रबंधक एवं प्राचार्य द्वारा संस्था के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को दीपावली की बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। इस अवसर पर शिक्षकों को मिठाई के पैकेट भेंट किए गए, जिससे पर्व की खुशियां और अधिक दोगुनी हो गईं। सभी ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई देते हुए मिष्ठान्न ग्रहण किया।

मार्गदर्शन और उद्देश्य
यह भव्य आयोजन विद्यालय की प्राचार्य शीबी वर्गीस (Shibi Varghese) के कुशल मार्गदर्शन तथा प्रबंधक जॉन्सी शीबी (Johnsy Shibi) की मुख्य उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए प्राचार्य शीबी वर्गीस ने बताया कि विद्यालय में इन प्रतियोगिताओं के आयोजन का

मुख्य उद्देश्य बच्चों को दीपावली पर्व के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि रंगोली, मेहंदी और थाली सजावट जैसी कलाओं के माध्यम से बच्चे न केवल विद्यालय के मंच पर अपनी प्रतिभा निखारते हैं, बल्कि अपने घर-परिवार, आसपास के पड़ोसियों और सोसाइटी में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेकर इस पर्व को और अधिक खास और अर्थपूर्ण बना सकते हैं।कार्यक्रम के अंत में सभी ने सुरक्षित, पर्यावरण के अनुकूल और मिलजुलकर दीपावली मनाने का संकल्प लिया।


