
updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- “सांसों में अगर जीत का नशा हो तो हालत कहा मायने रखते है” जब आपके अंदर जीतने का दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो, तो मुश्किल परिस्थितियां मायने नहीं रखतीं, क्योंकि यह आंतरिक शक्ति आपको आगे बढ़ने और हार न मानने के लिए प्रेरित करती है, जिससे आप हर चुनौती को पार कर सकते हैं… सफलता शॉर्टकट नहीं होता निरंतर मेहनत करना पड़ता है।

शाजापुर जिले के छोटे से गांव खेजड़िया से CISF में ट्रेनिंग के बाद प्रथम बार संस्था में आने पर पारस परमार का सक्सेस प्वाइंट पर जोरदार स्वागत किया गया। इस अवसर पर सक्सेस प्वाइंट संस्था के संचालक करण सर और स्टाफ दुर्गेश सर सहित छात्र छात्रा स्वाति वर्मा और सचिन दंगोलिया द्वारा स्वागत किया गया। पारस परमार द्वारा बताया गया कि आज के दौर में मोबाइल से दूरी बनाकर अगर लगातार कड़ी मेहनत की जाए तो हर लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते है।

updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- ’’शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा’’ पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए आज शहीद ए आजम श्री भगतसिंह की शा. महाविद्यालय परिसर में लगी भव्य मूर्ति का अनावरण एक गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री चेतस सुखड़िया, विशिष्ट अतिथि विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,एवं अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनु गुणवान,भा.ज.पा. जिला महामंत्री श्रीमती तारा कटारिया,

नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया, अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य रोहिताश्व कुमार शर्मा,द्वारा किया गया । इस अवसर पर
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी सम्पन्न हुए । आज 09 जनवरी 2026 को शहीद भगत सिंह शासकीय स्नातक महाविद्यालय, आष्टा में भव्य आयोजन हुआ। महाविद्यालय परिसर में महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद भगत सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगत सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर सम्पूर्ण परिसर देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहा।

कार्यक्रम के शुभारम्भ पर शा.
महाविद्यालय के प्राचार्य धर्मेन्द्र सूर्यवंशी ने अपने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शहीद भगत सिंह जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम आज भी हम सभी को सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। अनावरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री चेतस जी सुखड़िया ने जलियांवाला बाग हत्याकांड का संक्षिप्त वर्णन करते हुए कहा कि नन्ही सी जान भगत सिंह ने यह सारा दृश्य देखा और इसके प्रतिशोध का संकल्प लिया था।

साइमन कमीशन का विरोध करते हुए असेंबली में बम फेंका तथा कहा कि बहरों को सुनाने के लिए धमाकों की जरूरत होती है। मुख्य अतिथि ने अन्य सभी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान का उल्लेख करते हुए भावी पीढ़ी से अपने देश को पुनः विश्वगुरु बनाने का आव्हान किया ।
विशिष्ट अतिथि विधायक गोपाल सिंह जी इंजीनियर ने अपने मंचीय उद्बोधन में कहा कि भगतसिंह को देशप्रेम की भावना अपने परिवार से विरासत में मिली थी तथा मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में देश के लिए प्राणों को न्योछावर कर दिया। विधायक ने सभी विद्यार्थियों से देश भक्ति की भावना से राष्ट्र सेवा करने का आवाहन किया।
अन्य आमंत्रित अतिथियों ने कहा कि

विद्यार्थियों को भगत सिंह जी के विचारों एवं आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत एवं विचार प्रस्तुत किए गए, जिन्हें सभी ने सराहा।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य गण, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी, एनसीसी, एनएसएस इकाई, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने भगत सिंह जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम के साथ किया गया। मंच का संचालन डाॅ. दीपेश पाठक एवं आभार सहायक प्राध्यापक भास्कर परमार के द्वारा व्यक्त किया गया।

