

updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- हमेशा धर्म के साथ रहो। अधर्म का विरोध करो। अधर्म होते देखते रहोगे, तो एक दिन तुम्हारा पतन निश्चित है। अन्याय को मुक बनकर जो निहारे जाते हैं। भीष्म हो, द्रोण हो,करण हो, सब मारे जाते हैं। उपरोक्त बहुत ही सार गर्वित प्रवचन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा दशहरा मैदान पर आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस मालवा माटी के संत श्री मिट्ठुपुरा सरकार व्यक्त किए गए। विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर मित्र मंडल द्वारा गुरुदेव का शाल श्रीफल राजस्थानी पगड़ी पहना कर स्वागत किया।

विधायक जी द्वारा 5100 की नगद दान राशि समिति को प्रदान की गई। आगे कथा में गुरुदेव द्वारा महाभारत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बताया कि महान धर्मात्मा पितामह भीष्म के सामने महारानी द्रौपदी का अपमान होता रहा। दुशासन द्रोपदी की साड़ी खींचता रहा। और समर्थ होने के बाद भी पितामह भीष्म ने अन्याय का विरोध नहीं किया। देखते रहे, इस कारण भीष्म को 56 दिन तक बाणो की सैय्या पर लेटना पड़ा। और जटायु ने सीता माता की रक्षा करने के लिए रावण जैसे बलशाली से युद्ध किया। भले ही जटायु के प्राण चले गए, परंतु अन्याय होते नहीं देखा।

परिणाम स्वरूप अंत समय में भगवान श्री राम की गोदी प्राप्त हुई। गुरुदेव ने बताया कि भगवान की कृपा से यह मनुष्य शरीर मिला है। तो इसको धर्म और परोपकार के काम मैं लगायें। परहित सरिस धर्म नहीं भाई। पर पीड़ा सम नई अधमाई। मानव सेवा ही माधव सेवा है। गौ सेवा ही गोविंद सेवा है। इसके अलावा श्रीमद् भागवत की अनेक कथाओं का बड़े विस्तार से वर्णन किया। गुरुदेव द्वारा गाए हुए मधुर भजनों पर सभी स्रोतों द्वारा भाव विभव का नृत्य किया प्रसाद बहादुर सिंह शिक्ष की ओर से वितरण किया गया।

संगीतकार जगदीश प्रजापति द्वारा गए मधुर भजनों पर विधायक जी समेत सभी भक्तों ने झूम-झूम कर नृत्य किया। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, मंडल अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ठाकुर, रामचरण वर्मा, महेंद्र सिंह ठाकुर, जेपी राठौर, बहादुर सिंह शिक्षक जितेंद्र सिंह सितोलिया, दीपक मोदी, अमन राठौर, अमित भारद्वाज खेरी, विजेंद्र सिंह बेदाखेड़ी, प्रहलाद सिंह धनगर, करण सिंह भगत जी, डॉ रतन सिंह, देवकरण सिंह पांचाल, बीरबल उमठ, गौरव मालवीय अमन राठौर, कृष यादव, सक्षम मालवीय,उमेश कुशवाहा,हिम्मत सिंह हरनावदा, रमेश श्रीवास्तव, राजाराम परमार सहित बड़ी संख्या में भक्तजन पधारे।


