

आष्टा। नगर के भोपाल नाका मुक्तिधाम परिसर स्थित मां पार्वती धाम गौशाला में श्राद्ध पक्ष के दौरान प्रतिदिन सनातन धर्म को मानने वाले श्रद्धालु गौ माताओं को गो ग्रास खिलाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। श्राद्ध पक्ष में गौ सेवा को विशेष महत्व देते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु गौशाला पहुंचकर गौ माताओं को हरा चारा एवं आहार खिलाकर उनकी सेवा कर रहे हैं।इसी क्रम में सीहोर कुशवाहा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मां पार्वती धाम गौशाला का

निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल में कुशवाहा समाज सीहोर के पटेल एवं लव-कुश जयंती अध्यक्ष बलराम कुशवाहा, पूर्व पटेल लक्ष्मीनारायण कुशवाहा एवं मुकेश कुशवाहा शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने गौशाला में गौ माताओं के लिए उपलब्ध शुद्ध पेयजल, संपूर्ण आहार, बीमार एवं एक्सीडेंटल गोवंश की देखरेख तथा उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सभी ने गौ माताओं को गो ग्रास भी खिलाया।लव-कुश जयंती अध्यक्ष बलराम कुशवाहा ने गौशाला की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि गौ सेवा सनातन संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है।

बीमार, घायल एवं असहाय गोवंश की सेवा करना मानवता के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत पुण्य का कार्य है। मां पार्वती धाम गौशाला में जिस प्रकार गौ माताओं के लिए भोजन, पानी और उपचार की व्यवस्था की जा रही है, वह सराहनीय है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौ सेवा में सहयोग करना चाहिए।वहीं मां पार्वती धाम गौशाला समिति अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा, पूर्व पार्षद ने प्रतिनिधिमंडल को गौशाला की व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गौशाला में बीमार, दुर्घटनाग्रस्त एवं असहाय गोवंश की नियमित देखरेख एवं उपचार किया जाता

है। गौ माताओं के लिए शुद्ध पेयजल, हरा चारा, पशु आहार सहित आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्राद्ध पक्ष में गौ सेवा का विशेष महत्व है और प्रतिदिन श्रद्धालु गौ माताओं को गो ग्रास खिलाकर सेवा एवं पुण्य अर्जित कर रहे हैं।नरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि “गौ सेवा ही परम धर्म है” और समाज के सभी वर्गों को आगे आकर गौ माताओं की

सेवा एवं संरक्षण में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने सीहोर कुशवाहा समाज के प्रतिनिधिमंडल द्वारा गौशाला का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना करने पर आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर गौशाला समिति कोषाध्यक्ष संजय सुराणा, उपाध्यक्ष श्रीमती किरण दीदी, कविता जयसवाल, सुनील कचनेरिया, सेवक करण गोस्वामी, विषेश सहयोगी रवि कामरिया, गौशाला गौशाला से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य भी उपस्थित रहे।

