

आष्टा। राधा अष्टमी के पावन अवसर पर ISKCON Ashta Centre द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सनातन धर्म के प्रामाणिक शास्त्रों एवं आध्यात्मिक जीवन-मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत ग्राम भंवरा के प्रत्येक घर तक भगवद्गीता पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।

अभियान का शुभारंभ ग्राम भंवरा के सरपंच श्री हरिओम परमार को भगवद्गीता की प्रथम प्रति भेंट कर किया गया। इस अवसर पर ISKCON Ashta Centre के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने ग्रामीण परिवारों को भगवद्गीता के अध्ययन के लिए प्रेरित करने तथा सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की बात कही।

ISKCON Ashta Centre का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को सनातन धर्म के प्रामाणिक ग्रंथों से जोड़ना और उनके आध्यात्मिक संदेश को सरल रूप में लोगों तक पहुंचाना है। केंद्र द्वारा अब तक आष्टा क्षेत्र के करीब 400 विद्यार्थियों को आध्यात्मिक शिक्षा से जोड़ा जा चुका है। अब इसी पहल को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार देने की योजना के तहत पहली शुरुआत ग्राम भंवरा से की गई है।

जल्द स्थापित होगा आध्यात्मिक केंद्र
ISKCON Ashta के प्रमुख श्री संदीप सोनी सहित नवीन पांचाल, सुरेंद्र सोनी, ओमप्रकाश पाटीदार एवं हरिओम कटारिया ने बताया कि आष्टा में ISKCON Centre के माध्यम से नियमित रूप से आध्यात्मिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए ग्राम भंवरा में भी जल्द एक आध्यात्मिक केंद्र स्थापित करने की योजना है।

प्रस्तावित केंद्र में समय-समय पर भगवद्गीता अध्ययन, धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन, संस्कार कार्यक्रम तथा समाजोपयोगी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों, युवाओं और परिवारों को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। ISKCON Ashta का यह अभियान “हर घर भगवद्गीता, हर जीवन में आध्यात्मिक चेतना” के संदेश को ग्रामीण अंचल तक पहुंचाने की दिशा में एक पहल है।
