

आष्टा। नगर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली मां पार्वती नदी के तट को अब एक नई और भव्य पहचान मिलने जा रही है। नगरपालिका द्वारा नदी तट के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा एवं प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने पृथक-पृथक नपा अधिकारी एवं पार्षदों की उपस्थिति में किया।

नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कमी पाए जाने पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति को दूरभाष पर अवगत कराते हुए मौके पर आकर कार्य को देखने के निर्देश दिए गए थे, इसके तारतम्य में नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा द्वारा सीएमओ श्री प्रजापति की मौजूदगी में आज मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया तथा निर्माण कार्य में कमी पाए जाने पर संबंधित निर्माणकर्ता को निर्देशित कर कमी को दूर किया।प्रमुख विशेषताएं और निर्माण कार्य – नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने बताया कि इस परियोजना के तहत घाट को आकर्षक और धार्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राजस्थानी लाल पत्थर पूरे तट और द्वार के निर्माण में विशेष नक्काशीदार लाल पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है, जो इसे राजस्थान के महलों जैसा भव्य स्वरूप प्रदान करेंगे। आकर्षक मुख्य द्वार नदी तट पर छोटे-छोटे और कलात्मक प्रवेश द्वार बनाए जा रहे है। सुंदरता एवं सुरक्षा की दृष्टि से नदी तट पर नक्काशीदार बाउंड्री का निर्माण भी शामिल है।नपाध्यक्ष ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण – हाल ही में नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर रायसिंह मेवाड़ा ने निर्माण स्थल का दौरा कर चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष श्रीमती मेवाड़ा ने निर्माणकर्ता एजेंसी को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में उपयोग की जा रही

सामग्री और नक्काशीदार पत्थरों की गुणवत्ता उच्च श्रेणी की होनी चाहिए। सौंदर्यीकरण का कार्य निर्धारित समय के भीतर पूर्ण किया जाए, ताकि नगरवासी जल्द ही इस भव्य घाट का लाभ उठा सकें। वहीं घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। नपाध्यक्ष श्रीमती हेमकुंवर मेवाड़ा ने निरीक्षण के दौरान यह भी कहा कि नगर की पहचान मां पार्वती नदी से है। इसके तट का सौंदर्यीकरण न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि यह हमारी आस्था के केंद्र को एक नया स्वरूप भी देगा। इस अवसर पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति, पार्षदगण तारा कटारिया, रवि शर्मा, कमलेश जैन, डॉ. सलीम खान, अरशद अली, जितेन्द्र बुदासा आदि मौजूद थे।