

आष्टा। नगर के वार्ड क्रमांक 17 आनंद धाम में प्रतिवर्षानुसार भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के उपरांत भगवान जगन्नाथ जी अपनी मौसी के घर आनंद धाम में विश्राम हेतु विराजमान हैं। इसी पावन अवसर पर आनंद धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ रहा है। कथा के चौथे दिवस भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य (जन्मोत्सव) का अत्यंत भावपूर्ण एवं भक्तिमय आयोजन किया गया। संपूर्ण कथा पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा के श्रीमुख से अमृतमयी वाणी के रूप में प्रवाहित हो रही है,

जिसका रसपान करने प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।कथा के दौरान पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतार का महत्व बताते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अन्याय और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना एवं सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार धारण करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य केवल एक जन्मोत्सव नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, प्रेम, करुणा और मानव कल्याण का दिव्य संदेश है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन में

आध्यात्मिक चेतना, सदाचार और भक्ति का संचार करता है तथा मनुष्य को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर पूरा आनंद धाम भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मंगल बेला पर शंख, घंटा, घड़ियाल एवं जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के उद्घोष के साथ जन्मोत्सव मनाया। भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे तथा वातावरण पूर्णतः कृष्णमय हो गया।इस अवसर पर सकल हिंदू समाज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। सकल हिंदू समाज के अध्यक्ष नरेंद्र कुशवाहा पूर्व पार्षद,

सचिव मनीष डोंगरे तथा मीडिया प्रभारी राजीव गुप्ता ने श्रीमद्भागवत ग्रंथ का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर पंडित श्री कन्हैयालाल शर्मा का पुष्पमाला एवं साफा पहनाकर भगवान श्री कृष्णा की छायाचित्र प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में पधारे महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज का भी सकल हिंदू समाज के संरक्षक प्रेम नारायण शर्मा एवं हरि नारायण शर्मा ने पुष्पमाला एवं साफा पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।अपने आशीर्वचन में महामंडलेश्वर संत श्री दीपक दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा है।

भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, सेवा, भक्ति, संस्कार और राष्ट्रधर्म का मार्ग दिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म की रक्षा, अन्याय के विरोध, कर्मयोग, प्रेम, करुणा और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। जिस समाज में भागवत कथा, संतों का सान्निध्य और भगवान का नाम-स्मरण होता है, वहां सदैव सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति बनी रहती है।कार्यक्रम में सकल हिंदू समाज के अध्यक्षगण प्रेम नारायण जायसवाल, अचल किरार, मोंटू कौरी, भजन गायक राजीव जायसवाल, देवकरण पहलवान, गोपाल ताम्रकार, मुकेश ताम्रकार,

मनोज सोनी काका, हेमराज कुशवाहा, गोविंद सोनी, दिनेश सोनी सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक एवं मातृशक्तियां उपस्थित रहीं।कथा के समापन पर भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती संपन्न हुई, जिसके पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया। अंत में आनंद धाम प्रमुख पंडित भवानी शंकर शर्मा एवं धर्माधिकारी गजेंद्र शर्मा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया।

आष्टा । भगवान जगन्नाथ जी अपनी मौसी के घर आनंद धाम बुधवारा स्तिथ निवास पर पधारने के उपलक्ष्य में आज से 7 दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण का आयोजन प्रारम्भ हुआ है भागवत के तीसरा दिवस में भागवत कथा में पंडित कन्हैयालाल शर्मा ने विदुर मत्रीय संवाद, सृष्टि रचना 24 अवतार,, सती चरित्र,, ध्रुव चरित्र विस्तार से सभी भक्तों को कथा का श्रवण कराया जा रहा है आनन्द धाम बुधवारा पर दिनांक 17 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक कथा का आयोजन होगा । पंडित भवानी शंकर शर्मा ने सभी से

आनंद धाम बुधवारा पहुच कर कथा का लाभ लेने की अपील की है। भागवत कथा में आज भवानी शंकर शर्मा , मिट्ठू पुर सरकार दुर्गेश पाठक जी मधुबाला पाठक जी जगदीश ओमप्रकाश जी सोनी ओम ज्वैलर्स आस्था भागवत आचार्य जितेंद्र वैष्णव जी,,मोना ठाकुर ओम प्रकाश मिश्रा जी भोपाल , जगदीश पाटीदार बृजमोहन सोनी, पिंकी शर्मा शिव श्रीवादी, दीपेश गौतम, शीला शर्मा, राधा शर्मा,आनंद नेहा शर्मा, रमा प्रतिभा शर्मा, चंद्रेश माधवी शर्मा, मधुराज आदि भक्तगण उपस्थिति रहे एवं भागवत का श्रवण किया गया पंडित गजेंद्र शास्त्री धर्माधिकारी ने सभी नगर वासीयो से कथा में पधार कर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।

