
सीहोर, 08 अप्रैल, 2026 कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित कर राजस्व से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व वसूली, नामांतरण, बटवारा, सीमांकन, उपार्जन, ई-विकास के माध्यम से खाद वितरण तथा फार्मर रजिस्ट्री जैसे प्रमुख बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को मुख्यालय में निवास सुनिश्चित करने, अनावश्यक अप-डाउन से बचने तथा कार्यों को टालने की प्रवृत्ति छोड़कर गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन सहित सभी राजस्व संबंधी प्रकरणों का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग करें और शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व वसूली के कार्य में तेजी लाई जाए और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे राजस्व संग्रहण में वृद्धि हो सके। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 27 करोड़ 22 लाख 34 हजार 532 रूपये राजस्व संग्रह किया गया। नामांतरण, बटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए समयबद्ध और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाई जाए। उपार्जन व्यवस्था को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही ई-विकास के माध्यम से खाद वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भू-अर्जन कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि भू-अर्जन से प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा निर्धारित कर समय पर प्रदान किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असंतोष या विवाद की स्थिति न बने। इसके साथ ही कलेक्टर ने जिले में नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी रखी जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में नामांतरण के 27,145 में से 24,532 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसी प्रकार सीमांकन के 8786 में से 8080 प्रकरणों का निराकरण किया गया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री वृंदावन सिंह ने भी भुअर्जन, भू राजस्व संहिता के नियमों, अपील संबंधी प्रावधानों के बारे में विस्तार से दिशा निर्देश दिये। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविंद्र परमार, श्री जमील खान सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।