80 पौधों की वाटिका बनी हरियाली की मिसाल, पर्यावरण दिवस पर किया पौधारोपणवस्त्र व्यापारी संघ ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, हर नागरिक से एक पौधा लगाने और उसकी देखरेख का किया आह्वान

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आष्टा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वस्त्र व्यापारी संघ द्वारा संघ की वाटिका में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। संघ द्वारा पूर्व में विकसित की गई वाटिका में लगभग 80 पौधे लगाए गए थे, जो आज सुरक्षित होकर लहलहा रहे हैं। पर्यावरण दिवस पर भी पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया।संघ अध्यक्ष धीरज सिंह ठाकुर ने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसके संरक्षण और देखरेख का भी संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है,

उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। संघ द्वारा समय-समय पर वाटिका का निरीक्षण एवं संरक्षण किया जाता है, जिसके सकारात्मक परिणाम आज दिखाई दे रहे हैं।उन्होंने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा घर और बाहर डस्टबिन का प्रयोग करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि स्वच्छ और हरित वातावरण ही स्वस्थ समाज की पहचान है।इस अवसर पर संघ अध्यक्ष धीरज सिंह ठाकुर, महामंत्री नयन जैन, कोषाध्यक्ष विकास चैन, संघ प्रवक्ता संदीप छाजेड़, वरिष्ठ सदस्य संदीप श्रीमोड़, राजू जैन, उत्साह, मनोज भाटी, पूर्व महामंत्री राहुल बनवट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

इच्छावर में संत कबीर के विचारों को समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने हेतु विचार सभा भजन संध्या दिनांक 9 जून को शाम 6 बजे से आयोजित की जा रही है, आज अखिल भारतीय मालवीय बलाई समाज संघ के पदाधिकारी आष्टा पहुंचे और यहां संत कबीर में आस्था रखने वाले प्रबुद्धजनो के क्रम जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष कैलाश परमार तथा जिला पंचायत सदस्य कमलसिंह चौहान को निमंत्रण दिया। आयोजक गण ने जानकारी दी कि पद्मश्री से समान्नित प्रसिद्ध भजन गायक एवम

निर्गुण भक्ति के अन्य प्रसिद्ध गायक इस कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश परमार ने अतिथिगण का स्वागत करते हुए कहा कि संत कबीर भारतीय संत परंपरा के ऐसे महान प्रकाशस्तंभ हैं जिन्होंने समाज को सत्य, प्रेम, समानता और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने जाति-पांति, आडंबर और अंधविश्वास का विरोध कर मनुष्य को आत्मचिंतन और ईश्वर के सच्चे मार्ग की ओर प्रेरित किया। उनकी वाणी आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी पाँच सौ वर्ष पहले थी। कबीर केवल एक संत नहीं,

बल्कि सामाजिक चेतना के महान जागरण पुरुष और लोकमंगल के अमर कवि थे। श्री परमार ने संत कबीर के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे कार्यक्रम के लिए आयोजकों को साधुवाद देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। आयोजन समिति के संयोजक दशरथ सिंह गुणवान, अध्यक्ष मिश्रीलाल मालवीय, उपाध्यक्ष कमोद मालवीय चंचल तथा कोषाध्यक्ष लाड़सिंह मालवीय एडवोकेट ने सभी उपस्थित जन और नगरवासियों से इछावर में आयोजित कबीर भजन संध्या में शामिल होने का अनुरोध किया है।

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