
आष्टा। नगर में जल संकट से निपटने, भू-जल स्तर को सुदृढ़ करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल की शुरुआत नगरपालिका द्वारा की जा रही है। मध्य प्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन विभाग, भोपाल के दिशा-निर्देशों के तहत पूरे प्रदेश के साथ-साथ आष्टा में भी जल गंगा संवर्धन अभियान वर्ष 2026 का शंखनाद हो चुका है।इस अभियान के अंतर्गत नगर की ऐतिहासिक धरोहरों और प्राचीन जल संरचनाओं के पुनरुद्धार का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है।

इसी कड़ी में नगर पालिका द्वारा कन्नौद रोड़ स्थित शहर के सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक काला तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य 27 मई बुधवार को किया जाएगा। जनभागीदारी से संवरेगा शहर का ऐतिहासिक तालाब – मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनोदकुमार प्रजापति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वृहद जल संरक्षण अभियान को पूरी तरह सफल और प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं से खुलकर आगे आने का आह्वान किया गया है। जनभागीदारी के बिना इतनी बड़ी जल संरचना का कायाकल्प संभव नहीं है। इस अभियान की खास बात यह है कि कोई भी इच्छुक नागरिक,

पर्यावरण प्रेमी या सामाजिक संगठन अपने स्वयं के संसाधनों के माध्यम से इस पुनीत कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकता है।सहयोग के लिए आवश्यक संसाधन – इस कार्य में रुचि रखने वाली संस्थाएं या व्यक्ति अपनी मशीनें, डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और ईंधन आदि जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के साथ सीधे तौर पर इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।नगरपालिका की निःशुल्क सहयोग की अपील – आगामी बारिश से पहले तालाब की जल संग्रहण क्षमता को अधिकतम स्तर तक बढ़ाने के लिए नागरिकों से वे अधिक से अधिक संख्या में काला तालाब पर पहुंचें और तालाब के गहरीकरण कार्य में अपना निःशुल्क श्रमदान और सहयोग प्रदान करने की अपील भी की।

