

आष्टा। भारतीय जनता पार्टी की नगर सरकार अपने कार्यकाल के प्रारंभ से ही नगरवासियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के साथ-साथ नगर की प्राकृतिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को सहेजने व संवारने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में नगरपालिका द्वारा नगर की जीवनदायिनी मां पार्वती नदी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम किया जा रहा है। नदी के तट पर राजस्थानी आकर्षक लाल पत्थरों से भव्य घाट का निर्माण कराया जा रहा है, जो आने वाले समय में नगर के प्रमुख आकर्षण और

धार्मिक केंद्र के रूप में उभरेगा। इसके साथ ही नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पत्थरों से मजबूत पाल तटबंध का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे नदी के किनारों को मजबूती मिलेगी।निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण – इन सभी चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और वास्तविकता जानने के लिए नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने आज कार्यस्थल का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने घाट निर्माण और पाल मजबूतीकरण के कार्य का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को सख्त लहजे में दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि मानसून की दस्तक से पहले या तय समयसीमा के भीतर इस कार्य को पूरी गति के साथ संपन्न किया जाए, ताकि नगरवासियों को जल्द से जल्द इसकी सौगात मिल सकंे।नगर की धरोहरों को सहेजने का संकल्प – इस अवसर पर नपाध्यक्ष प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि नगर सरकार का

मुख्य ध्येय केवल बुनियादी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आष्टा की ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक धरोहरों का संरक्षण करना भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है। मां पार्वती नदी नगर की जीवनरेखा है और इसका सौंदर्यीकरण न केवल पर्यावरण के लिहाज से जरूरी है, बल्कि स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था को भी एक सुंदर और सुरक्षित स्थान प्रदान करेगा। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा के साथ पार्षदगण कमलेश जैन, रवि शर्मा, डॉ. सलीम खान आदि मौजूद थे।
