updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- गुरुनानक देव जी ने सिख धर्म की स्थापना मानवता, एकता, सेवा और सच्चे प्रेम के लिए की थी। गुरु नानकदेव जी की शिक्षा और उनके योगदान को कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता। उन्होंने समाज में सामंजस्य और एकता की बातें सिखाई और मानवता के मूल्यों को निरूपित किया। नाम जपो, कीरत करो के मूल मंत्र के माध्यम से उन्होंने सिख धर्म को उत्कर्ष तक पहुंचाया।उन्होंने सत्यता ओर ईमानदारी को अपने जीवन का मूल्यवान हिस्सा बनाने की सीख दी।
उन्होंने दूसरों की मदद करना,सामाजिक न्याय,एकता और सहयोग की विशेषता को विशेष रूप से समझाया। सभी मनुष्यों के हित के लिए काम करने की बात की ताकि समाज में सभी का भला हो सके। दयालुता और करुणता के महत्व की बात कहते हुए उन्होंने दूसरों के प्रति दया रखने की सीख दी। उक्त आशय के उद्गार प्रदेश कांग्रेस महामंत्री एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने गुरु नानक देव जी की जयंती पर स्थानीय सिंधी समाज द्वारा निकाले गए चल समारोह के स्वागत समारोह में व्यक्त किए।
स्थानीय सिख समाज द्वारा गुरुद्वारा में पारंपरिक रीति रिवाज से अपने आराध्य गुरु नानक देव जी का जन्म उत्सव प्रकाश उत्सव के रूप में मनाया गया। सिख समाज के पदाधिकारी,वरिष्ठजनों, युवाजन, महिलाओं ने नगर के विभिन्न मार्गो से प्रकाश महोत्सव का चल समारोह निकाला। जिसका विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आत्मीय स्वागत किया। गुरुद्वारा में भोग साहिब एवम लंगर प्रसादी एवम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैलाश परमार मित्र मंडल ने सिंधी समाज के अध्यक्ष सुशील भोजवानी,
सिंधी समाज युवा संगठन के अध्यक्ष जितेश मोटवानी, वरिष्ठ समाजसेवी मनोहर भोजवानी, देवानंद भोजवानी, किशन भोजवानी, मुकेश गुलवानी, नरेश भोजवानी, चंदर भोजवानी, पुरुषोत्तम रोगानी, लालबहादुर मोटवानी, नरेश लखानी, मनीष साधवानी, मंजीत पंजाबी, मनोज मयूरी आदि का पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कैलाश परमार, अनिल प्रगति, पूर्व पार्षद नरेंद्र कुशवाह, पल्लव जैन एडवोकेट, सुनील कचनेरिया एडवोकेट, राज परमार, संतोष मालवीय, दिव्यांश प्रगति ने अभिनंदन किया।