वैष्णव बैरागी समाज ने मनाई जगतगुरू रामानंदाचार्य जी की जयंती, स्वामी रामानंदाचार्य जी ने राम भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया- रायसिंह मेवाड़ा

updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- श्री वैष्णव बैरागी समाज विकास समिति द्वारा अपने आराध्य जगतगुरू श्रीश्री 1008 रामानंदाचार्य जी की जयंती स्थानीय गीतांजलि गार्डन में हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाई गई। जयंती समारोह के मुख्य अतिथि नपाध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, पार्षद रवि शर्मा, वैष्णव बैरागी समाज संगठन भोपाल संभाग अध्यक्ष रघुवीर दास वैष्णव, सीहोर के पूर्व जिलाध्यक्ष पत्रकार के.जी. बैरागी, सेवा संघ जिला देवास जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश बैरागी, महंत सिद्धूदास बैरागी, रामस्वरूप बैरागी, आचार्य पुनित तिवारी द्वारा

पूज्य जगतगुरू रामानंदाचार्य जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित किया गया। तत्पश्चात्् आयोजन समिति अध्यक्ष कमल बैरागी, संयोजक राकेश बैरागी, संरक्षक दुर्गादास बैरागी, तहसील अध्यक्ष राम दास बैरागी, नगर अध्यक्ष ब्रजमोहन बैरागी, संतोष बैरागी, रामचंद्र बैरागी, राहुल बैरागी, सोनू बैरागी, बालू बैरागी, विनोद बैरागी, आनंद बैरागी, सुनील बैरागी, लव-कुश बैरागी, रामदास बैरागी द्वारा मंचासीन अतिथियों का रामानंदाचार्य जी का चित्र भेंटकर स्वागत सम्मान किया गया। वहीं समाज के सेवा संघ युवा प्रकोष्ठ जिला देवास के अर्जुन बैरागी, महंत भवानीदास बैरागी, रामदास बैरागी,

दिनेश बैरागी गनोरा, गणेशदास बैरागी, भागीरथदास बैरागी, डॉ. ओमप्रकाश बैरागी, रामनिवास बैरागी, रामभरोस बैरागी, परसराम बैरागी, राजेन्द्र बैरागी, आशीष बैरागी का भी स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रायसिंह मेवाड़ा ने उपस्थित समाजजनों को स्वामी रामानंदाचार्य जी की जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैरागी समाज का इतिहास वैष्णव परंपरा से जुड़ा है, जो भक्ति मार्ग पर केंद्रित है और मुख्य रूप से भगवान विष्णु के उपासक हैं, इन्हें वैष्णव ब्राह्मण भी कहते हैं और इनका उद्भव मुगल काल में सनातन धर्म की रक्षा के लिए हुआ। जहाँ इन्होंने साधुओं की एक सेना बनाकर समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई,

जो बाद में एक जाति के रूप में स्थापित हुई, जिसके संस्थापक स्वामी रामानंद माने जाते हैं और ये मंदिर के पुजारी भी रहे हैं। स्वामी रामानंदाचार्य जी ने ही राम भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है। आज जहाँ बैरागी समाज प्रभु की भक्ति के साथ-साथ अन्य संपन्न समाजों के बराबरी मे पीछे नहीं है। पहले बैरागी समाज को सिर्फ पुजारी के रूप मे जाना जाता था, किन्तु अब इस समाज के लोग जहाँ राजनीति के शीर्ष पर है, वही व्यवसाय, नौकरी आदि मे भी अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहे है. हिंदू धर्म व्यवस्था में इन्हें ब्राह्मणों के बराबर या उनसे ऊँचा स्थान प्राप्त है, खासकर वैष्णव मंदिरों के रखरखाव और संचालन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

कार्यक्रम को अन्य मंचासीन अतिथियों द्वारा भी संबोधित किया गया। तत्पश्चात् जगतगुरू रामानंदाचार्य जी की आरती की गई। महिला संगठन पदाधिकारियों का भी हुआ बहुमान – जयंती के अवसर पर समारोह में उपस्थित महिला मंडल की श्रीमती जूली वैष्णव, श्रीमती सीमा बैरागी, श्रीमती सविता बैरागी, श्रीमती रेखा बैरागी, श्रीमती राजकुमारी बैरागी, श्रीमती प्रज्ञा बैरागी, श्रीमती विनीता बैरागी, श्रीमती ज्योति बैरागी, शीला बैरागी श्रीमती गिरजा बैरागी का अतिथियों द्वारा समाज में सक्रिय भूमिका निभाने पर बहुमान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बैरागी समाज के महिला व पुरूषगण मौजूद थे। संचालन कमल बैरागी द्वारा किया गया तथा आभार राकेश बैरागी ने व्यक्त किया।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top