तीन वर्ष बाद आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वर जी महाराज का ससंघ मंगल नगर प्रवेश आज, श्री गिरनार महातीर्थ आष्टा तीर्थ की 18वीं वर्षगांठ पर सात दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव प्रारंभ

updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- मध्यप्रदेश के श्री गिरनार महातीर्थ आष्टा तीर्थ में प्रभु प्रवेश एवं 18 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सात दिवसीय जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव सोमवार 16 फरवरी से प्रारंभ हो रहा है। यह धार्मिक आयोजन 22 फरवरी तक विविध कार्यक्रमों के साथ संपन्न होगा, जबकि 20 फरवरी को ध्वजारोहण के अवसर पर आगामी वर्ष (मंगलवार 23 फरवरी 2027, फाल्गुन सुदी 3 ) की ध्वजा एवं अष्टप्रकारी पूजा के चढ़ावे की बोली लगाई जाएगी। सोमवार सोलह फरवरी को तीन वर्ष पश्चात पूज्य आचार्य भगवंत हर्ष तिलक सूरीश्वर जी महाराज का ससंघ नगर में मंगल प्रवेश हो रहा है।

आचार्य भगवंत के सानिध्य में आष्टा तीर्थ पर सप्ताहभर विविध धार्मिक अनुष्ठान, पूजन एवं महापूजन के आयोजन होंगे। आचार्य भगवंत का ससंघ नगर प्रवेश जुलूस 16 फरवरी को प्रातः 8 बजे श्री सीमंधर जिनदत्त धाम दादावाड़ी से प्रारंभ होकर श्री महावीर श्वेतांबर जैन मंदिर गंज से सिकंदर बाजार बड़ा बाजार होते हुए किला मंदिर पहुंचेगा, जहां आचार्यश्री के मंगल प्रवचन एवं आशीर्वचन होंगे। श्रीसंघ की नवकारसी किला मंदिर समिति की ओर से रखी गई है। प्रातः 10 बजे कुंभ स्थापना एवं ज्वारारोपण का कार्यक्रम होगा, जिसके लाभार्थी चंदनमल-सचिन कुमार कोठारी परिवार हैं। दोपहर 1 बजे श्री पार्श्वनाथ पंचकल्याणक पूजन का आयोजन नथमल-ताराचंद रांका परिवार के लाभ से संपन्न होगा।

विविध धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला- 17 फरवरी मंगलवार को प्रातः 8 बजे श्री नेमिनाथ जिनेंद्र जिनालय में शक्रस्तव अभिषेक प्रतिमाह के लाभार्थियों द्वारा किया जाएगा। 18 फरवरी को प्रातः 9 बजे श्री नवग्रह पाटला पूजन (लाभार्थी: चंदनमल-सचिन कुमार कोठारी परिवार), श्री दशदिक्पाल पाटला पूजन (लाभार्थी: शांतिलाल, कैलाश, गौरव वोहरा परिवार) तथा श्री अष्टमंगल पाटला पूजन (लाभार्थी: कोठारी परिवार) संपन्न होंगे। 19 फरवरी को प्रातः 8:30 बजे श्रीसंघ द्वारा जिनालय में 18 अभिषेक एवं गुरुमूर्ति अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। 20 फरवरी शुक्रवार को प्रातः 8 बजे सामूहिक भव्य स्नात्रोत्सव होगा तथा दोपहर 12:15 बजे दादा के शिखर पर ध्वजारोहण संपन्न होगा।

इस अवसर पर सकल श्रीसंघ का साधार्मिक वात्सल्य भोज एवं जिनालय में भव्य अंगरचना होगी। इसके लाभार्थी ऋजुबालिका तीर्थ निर्माता उदारदिल श्री नंदप्रभा परिवार (कोलकाता-बंबई) रहेंगे। 21 फरवरी शनिवार को प्रातः 9 बजे महाप्रभाविक श्री शांति स्नात्र महापूजन (लाभार्थी: कोठारी परिवार) तथा 22 फरवरी रविवार को प्रातः 9 बजे प्रभावशाली श्री सिद्धचक्र महापूजन (लाभार्थी: इंद्राबेन अमृतलालजी सिंघवी परिवार, आष्टा-इंदौर) संपन्न होंगे। धार्मिक आयोजन को लेकर श्रीसंघ एवं तीर्थ समिति में उत्साह का वातावरण है। श्रद्धालुओं में आचार्य भगवंत के नगर प्रवेश एवं सप्ताहभर चलने वाले जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव को लेकर विशेष उमंग देखी जा रही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Scroll to Top