

updatenews247.com धंनजय जाट सीहोर 7746898041– आज की इस चकाचोंध भौतिक सुखों से भरी दुनिया को ठोकर मार कर, संसार के सभी सुखों को छोड़ना ओर लोहे के चने समान संयम को ग्रहण करना हर किसी के बस की बात नही है,जिसने वीतराग को जान लिया,समझ लिया,समझो उसने सब कुछ जीत लिया है । संसार के सभी सुखों को छोड़ कर संयम के मार्ग पर बढ़ रही इंदौर निवासी वीर माता पिता वीरेन्द्र शीतल(मोना) भंडारी की 29 वर्षीय पुत्री विनुषी भंडारी ने संसार के मार्ग को छोड़ मोक्ष की ओर ले जाने वाले संयम के मार्ग को चुना है ।

आज दीक्षार्थी बहन मुमुक्षु विनुषी भंडारी का दीक्षा के पूर्व आष्टा आगमन हुआ । साधुमार्गी जैन संघ के श्रावक महेन्द्र रुनवाल के निवास पर संघ ने दीक्षार्थी बहन विनुषी का बहुमान कर अभिनन्दन पत्र भेंट कर अनुमोदना की ।
इस अवसर पर उपस्थित श्रावक श्राविकाओं को संबोधित करते हुए दीक्षार्थी बहन विनुषी भंडारी ने कहा पूज्य आचार्य भगवंत 1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब की शुभ निश्रा में 23 अप्रैल 2026 को गंगाशहर भीनासर में दीक्षा की संभावना है । विनुषी भंडारी ने कहा इस जीवन का कोई भरोसा नही है, । जीवन मे जितना अधिक से अधिक धर्म को महत्व देंगे,

जीवन मे व्रत नियमो में रहेंगे तो पाप कर्मों का बंध कम से कम होगा । अच्छे श्रावक श्राविकाएं बने । जो दीक्षा नही ले सके वो गृहस्थ जीवन मे भी 14 नियमो का पालन करने से उनके पहाड़ जैसे पाप बहुत छोटे हो जाते है । रोजाना सामयिक,प्रतिक्रमण,संवर करे । दीक्षार्थी बहन विनुषी भंडारी ने आष्टा संघ को 23 अप्रैल को होने वाली दीक्षा में सभी पधारने ओर आशीर्वाद प्रदान करने का आष्टा संघ को निमंत्रण दिया ।इस अवसर पर सभी ने नवकार महामंत्र का जाप रामेश चालीसा एवं चौवीसी सहित अन्य भजनों का गायन किया। उपस्तिथ श्रावक सुशील संचेती ने अभिनन्दन पत्र का वाचन किया एवं वरिष्ठ श्रावक ताराचंद रुनवाल, चंद्र प्रकाश रुनवाल,रिलेश बोथरा,हेमन्त सुराणा,

महेन्द्र रुनवाल,सुनील संचेती, पवन बोथरा,मनोज रुनवाल, पंकज डूंगरवाल ,मुकेश संचेती,मनोज बोथरा, राज बोथरा,श्रेयांस रुनवाल,अंकित रुनवाल,सुबाहू संचेती मोक्षेस डूंगरवाल,पंकज डूंगरवाल,मोक्षेस डूंगरवाल, महिला मंडल की भावना सुराना, मीना पारख, सुशीला बोथरा,किरण डूंगरवाल,संगीता संचेती,सुधा रूनवाल,सरोज बाला रूनवाल, वर्षा रूनवाल,अस्मिता संचेती,अनुश्री रूनवाल,आयुषी डूंगरवाल, चैत्रवी सुराना
आदि ने दीक्षार्थी बहन को अभिनन्दन पत्र सौपा एवं उपस्तिथ श्राविकाओं ने शाल ओढ़ा कर माला पहना कर बहुमान किया ।


