ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए खाद का वितरण, किसानों को न होना पड़े परेशान – कलेक्टर श्री बालागुरू के.

बिजली संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से किया जाए समाधान – कलेक्टर एचपीवी टीकाकरण अभियान में लाई जाए तेजी – कलेक्टर ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए खाद का वितरण, किसानों को न होना पड़े परेशान – कलेक्टर जल गंगा संवर्धन अभियान का किया जाए प्रभावी क्रियान्वयन – कलेक्टर नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती बरतने और जागरूकता बढ़ाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश कलेक्टर की अध्यक्षता में टीएल बैठक आयोजित।

कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित टीएल बैठक में विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन से जुड़ी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासन का पहला दायित्व जनता को समय पर राहत पहुंचाना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली संबंधी समस्याओं के निराकरण में देरी के कारण लोगों को अनावश्यक परेशानी होती है और कई बार यह आक्रोश का कारण बनती है। अतः शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए। संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी शेष प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन आमजन की समस्या से जुड़ा होता है, इसलिए उन्हें गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा में समाधान किया जाए। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सीएचएमओ, डीईओ एवं डीपीसी को लक्षित वर्ग तक अधिकतम पहुंच सुनिश्चित करने, जागरूकता बढ़ाने और अभियान की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकें। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने नेशनल हाईवे एवं रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि अर्जन कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन की सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं, जिससे परियोजनाओं का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को समय पर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए तथा किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा का तत्काल समाधान किया जाए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में तेजी आने से जिले में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और आमजन को बेहतर आवागमन व अन्य सुविधाएं मिलेंगी। कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने खाद वितरण व्यवस्था को सुचारू एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद का वितरण केवल ई-टोकन प्रणाली के माध्यम से किया जाए, ताकि किसानों को लाइन में लगने या अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वितरण केंद्रों पर छाया, पानी और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने खाद दुकानों की नियमित जांच करने और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने गर्मी की मूंग फसल को ध्यान में रखते हुए नकली बीज विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज ही उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही कृषि विभाग के अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और सही बीज चयन के बारे में मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए गए।

पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से नरवाई जलाने की घटनाओं पर भी कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने सख्ती बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेटेलाइट से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित किसानों पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए। साथ ही किसानों को जागरूक किया जाए कि वे नरवाई जलाने के स्थान पर वैकल्पिक उपाय अपनाएं। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने इस अभियान को और अधिक गति देने तथा इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की आवश्यकता है और इसके लिए समाज के हर वर्ग को जोड़ना जरूरी है। ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जाए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं को विधिवत राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया जाए, ताकि उनका दीर्घकालीन संरक्षण और रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने समग्र ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, जिससे उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। इसके लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। आयुष्मान कार्ड निर्माण को भी प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने कहा कि पात्र हितग्राहियों के अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाई जाए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना यादव, अपर कलेक्टर श्री वृंदावन सिंह, संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, श्री रविंद्र परमार, श्री जीमल खान, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, श्रीमती स्वाती मिश्रा सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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