सत्संग ,गीता, भागवत से ही व्यक्ति में संस्कार आते हैं- संत श्री मिट्ठूपुरा सरकार

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updatenews247.com धंनजय जाट आष्टा 7746898041- सत्संग ,गीता, भागवत से ही व्यक्ति में संस्कार आते हैं। अपने बच्चों को गीता पढ़ाइए ताकि भविष्य में किसी कोर्ट में गीता पर हाथ ना रखने पड़े। संस्कार से ही अपराध रोक सकते हैं। सरकार से नहीं। उक्त बहुत ही प्रेरक प्रवचन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल द्वारा नया दशहरा मैदान पर आयोजित सात दिवसीय संगीत मय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस मां सरस्वती के वरद पुत्र संत श्री मिट्ठूपुरा सरकार द्वारा व्यक्त किए गए। आज कथा से पूर्व शोभायात्रा निकल गई।

यजमान कमल पांचाल द्वारा भागवत पोथी सर पर धारण कर व्यास पीठ पर स्थापित किया। समिति अध्यक्ष राजू राठौड़ मामा और संपूर्ण समिति द्वारा पूज्य महाराज श्री का शाल, श्रीफल, साफा बांधकर स्वागत किया। आगे गुरुदेव द्वारा श्रीमद् भागवत कथा की महत्व को बड़े ही विस्तार से सुनाया। जब व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के संचित पुण्य का उदय होता है तब व्यक्ति को भागवत कथा सत्संग प्रवचन सुनने काल सौभाग्य मिलता है। गोस्वामी जी लिखते हैं। संत समागम हरि कथा जग में दुर्लभ दोय। सुत, दारा और लक्ष्मी पापी के भी होय। श्रीमद् भागवत श्री कृष्ण का शब्द रूपी शरीर है।

इसके श्रवण दर्शन पूजन मात्र से व्यक्ति के करोड़ों पाप नष्ट हो जाते है। श्रीमद् भागवत कथा में 335 अध्याय 12स्कंद और 18000 श्लोक है। पाराशर नंदन वेदव्यास जी इसके रचयिता है। यह कथा भगवान श्री हरि के चरण कमल से ब्रह्म द्रव्य के रूप में चार श्लोक के रूप में ब्रह्मा जी ने सुना। फिर ब्रह्मा जी ने यह चार श्लोक अपने पुत्र नारद को दिए। फिर नारद ने यह चार श्लोक वेदव्यास जी को दिए ।और फिर वेदव्यास जी ने इन चार श्लोक को 18 हजार श्लोक में करके अपने पुत्र सुखदेव को श्रवण कराया।

और फिर सुखदेव जी ने यह कथा राजा परीक्षित को सुनाई। इसके श्रवण से महाराज परीक्षित को मोक्ष प्राप्त हुआ। इसके अलावा भी अन्य कथाओं को बड़े ही भावपूर्वक श्रवण कराया। प्रसाद पत्रकार कमल पांचाल की ओर से वितरित किया गया। संचालन रतन सिंह डॉक्टर द्वारा किया गया। आज कथा में कान्हा दास,कमल पांचाल, गुलाब सिंहखेनियपुरा, ,बहादुर सिंह ठाकुर,राजेंद्र राठौड़ मामा, दीपकमोदी, फतेह सिंह खामखेड़ा, प्रेम जयससवाल,गजेंद्र सिंह, रतन सिंह डॉक्टर, सवाई सिंह दोनिया, रामप्रसाद प्रजापति, हेमंत राठौड़ सहित बड़ी संख्या में मात्र शक्तियों की उपस्थित रही।

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